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This Article is From Jan 29, 2021

गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों से यूपी गेट खाली करने को कहा

बीकेयू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक द्वारा जारी एक अलग बयान में, टिकैत के हवाले से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, जबकि उच्चतम न्यायालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को वैध ठहराया है.

गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों से यूपी गेट खाली करने को कहा
यूपी गेट पर टकराव की स्थिति के बीच भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं. (फाइल फोटो)
गाजियाबाद:

गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों को बृहस्पतिवार आधी रात तक यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया है वहीं किसान नेता राकेश टिकैत अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि वह आत्महत्या कर लेंगे लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. दिल्ली की सीमा से लगे यूपी गेट पर टकराव की स्थिति के बीच भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं. वहीं प्रदर्शन स्थल पर शाम में कई बार बिजली कटौती देखी गयी जहां टिकैत के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सदस्य 28 नवंबर से डटे हुए हैं. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसा को लेकर तीन किसान संगठनों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन वापस ले लिया है.

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इसके बाद प्रशासन ने यह "मौखिक" निर्देश दिया. जिले के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने यूपी गेट पर डेरा डाले प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और उन्हें रात तक प्रदर्शनस्थल खाली करने को कहा. ऐसा नहीं करने पर प्रशासन उन्हें हटा देगा. हालांकि, बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने इस कदम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की निंदा की. टिकैत ने पीटीआई को भेजे एक संदेश में कहा, "मैं आत्महत्या कर लूंगा लेकिन तब तक आंदोलन समाप्त नहीं करूंगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर दिया जाता." अपनी जान को खतरा होने का दावा करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर सशस्त्र गुंडों को भेजा गया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सशस्त्र गुंडों को विरोध स्थल पर भेजा गया था.

हिंसा के कारण कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन से अलग हुए दो किसान संगठन

बीकेयू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक द्वारा जारी एक अलग बयान में, टिकैत के हवाले से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, जबकि उच्चतम न्यायालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को वैध ठहराया है. टिकैत ने कहा, "गाजीपुर की सीमा पर कोई हिंसा नहीं हुई है लेकिन इसके बाद भी यूपी सरकार दमन की नीति का सहारा ले रही है. यह यूपी सरकार का चेहरा है.'' उन्होंने कहा, “हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.” गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में नामजद नेताओं में से एक टिकैत ने कहा कि लाल किले की घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले में हुई घटना में शामिल दीप सिद्धू का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है. बीकेयू नेताओं के आह्वान पर बृहस्पतिवार रात पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करीब 500 किसान विरोध स्थल पर पहुंच गए.

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प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि बृहस्पतिवार शाम से ही विरोध स्थल पर लगातार बिजली कटौती हो रही है जबकि बुधवार से टैंकरों में पानी की आपूर्ति बाधित रही. टिकैत ने मीडिया से कहा,"मैं अब पानी नहीं पीऊंगा. मैं केवल वही पानी पीऊंगा जो गांवों से किसानों द्वारा लाया गया है.” रात साढ़े 10 बजे के करीब डॉक्टरों की एक टीम टिकैत के स्वास्थ्य की जांच के लिए विरोध स्थल पर पहुंची. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी और सैकड़ों सुरक्षाकर्मी देर रात यूपी गेट पर फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और लिंक रोड पर थे. इस बीच आगे के कदम को लेकर बीकेयू में मतभेद प्रतीत हुआ और राकेश के भाई नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शन खत्म हो जाएगा. उन्होंने मुजफ्फरनगर में एक सभा में कहा, "निराश नहीं हों. आज गाजीपुर में विरोध प्रदर्शन खत्म हो जाएगा. पुलिस द्वारा पीटे जाने से बेहतर है कि उस स्थान को खाली कर दें."

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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