
ओडिशा में कई नदियों के खतरे के निशान को पार करने के साथ महानदी के कारण बाढ़ का खतरा मंडराने लगाने है। राज्य सरकार ने निचले इलाके में रहने वाले लोगों को निकालने के लिए उपाय तेज करते हुए सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों के लिए राहत सामग्री भेजी। राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में अब तक 23 लोग मारे गए है।
कुछ इलाके अलग-थलग हो गए हैं और सड़क संपर्क ध्वस्त हो गया है। महानदी और वैतरणी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात की समीक्षा की और विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। समीक्षा के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, इस वक्त बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। हालात से निपटने के लिए अधिकारी पूरी तरह से तैयार हैं।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के महापात्र ने बताया कि महानदी में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर निचले इलाके से लोगों को निकालने के लिए जरूरी इंतजाम और जरूरी राहत सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश होने से महानदी में पानी की मात्रा में बढ़ोतरी के कारण हिंराकुड जलाशय में जलस्तर 628 फुट हो गया है, जबकि इसकी कुल क्षमता 630 फुट है।
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