"आक्रामक वैक्सीन ड्राइव के लिए साप्ताहिक दिन तय करें": एम्स प्रमुख ने एनडीटीवी से कहा

शुक्रवार को 2.5 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य के मुकाबले, भारत ने शाम तक दो करोड़ से अधिक COVID-19 वैक्सीन खुराक देकर एक कीर्तिमान स्थापित किया.

एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने एनडीटीवी को बताया कि भारत को शुक्रवार के रिकॉर्ड तोड़ टीकाकरण (Covid-19 Vaccination) को आगे ले जाने की जरूरत है और टीकाकरण अभियान को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाने के लिए साप्ताहिक दिनों पर विचार करने की आवश्यकता है.

उन्होंने एनडीटीवी के द बिग फाइट शो में कहा, "हमें यह देखने की ज़रूरत है कि हम इसे कैसे बनाए रखते हैं. यह एक सतत प्रक्रिया रही है. हमें यह देखना होगा कि हम एक ऐसे चरण तक कैसे पहुंचते हैं जहां हम एक ही दिन में इतनी खुराक फिर से दे सकें. हमें यह देखने की आवश्यकता होगी कि इतनी बड़ी संख्या में हम लोगों को कैसे टीकाकरण केंद्र पर ला सकते हैं.

डॉ गुलेरिया ने कहा, "एक चुनौती यह है कि लोग आते रहें और आज की तरह प्रेरित हों. हम इसे पल्स पोलियो अभियान की तरह कर सकते हैं, जिसमें क्रिकेट सितारे, राजनेता, फिल्म सितारे शामिल हैं."

शुक्रवार को 2.5 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य के मुकाबले, भारत ने शाम तक दो करोड़ से अधिक COVID-19 वैक्सीन खुराक देकर एक कीर्तिमान स्थापित किया. देश में प्रशासित खुराकों की कुल संख्या 78 करोड़ को पार कर गई है.

एक महीने से भी कम समय में चौथी बार दैनिक टीकाकरण एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है.

महामारी की तीसरी लहर को रोकने के लिए, विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत को साल के अंत तक टीके की दोनों खुराक के साथ कम से कम 60 प्रतिशत आबादी को कवर करने की आवश्यकता है. इसके लिए प्रति दिन 1.2 करोड़ खुराक की टीकाकरण दर की आवश्यकता है.

वर्तमान अनुमानों से पता चलता है कि दिसंबर तक 39 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से टीका लगाया जाएगा. सरकार ने दिसंबर तक 200 करोड़ खुराक देने के अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की थी.

देश भर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया था. पुलिसकर्मियों जैसे फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण 2 फरवरी से शुरू हुआ था.


COVID-19 टीकाकरण का अगला चरण 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू हुआ, जो बीमारियों से पीड़ित थे.

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देश ने 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया. सरकार ने तब 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का निर्णय लिया.

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