पाकिस्तानी सैनिकों ने गुरुवार की शाम अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में जबरदस्त गोलाबारी की जिसमें दो बच्चों सहित छह नागरिक घायल हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि संघर्षविराम का उल्लंघन तेज करते हुए पाकिस्तानी सैनिकों ने आज शाम 6 बजकर 45 मिनट पर जम्मू जिले के कानचक और अखनूर इलाकों में सीमावर्ती चौकियों तथा गांवों पर 82 एमएम के मोर्टार बम दागे।
उन्होंने बताया कि गोलाबारी और गोलीबारी के चलते मोर्टार बमों के छर्रों से चार नागरिक घायल हो गए। ये मोर्टार बम लालयाल शिविर के सीमावर्ती गांवों तथा कानचक के अन्य गांवों में कई घरों में जाकर गिरे और वहां फट गए।
घायलों की पहचान बीना देवी, कमलेश कुमारी, इशा दत्ता तथा आठ महीने के एक बच्चे के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घायलों को राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान से लगती इस सीमा की रक्षा में तैनात सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) की 68वीं बटालियन के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और पाकिस्तान की गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे दोनों ओर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई जो आज रात क्षेत्र से अंतिम खबर मिलने तक अब भी जारी है।
बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले कल रात से जम्मू जिले के निक्की तावी क्षेत्रों और सांबा जिले के रामगढ़ इलाकों में स्थित भारतीय चौकियों पर मोर्टार बम और रॉकेट दागे जाते रहे तथा गोलीबारी होती रही।
पाकिस्तानी सैनिकों ने एलएमजी से गोलीबारी करने के साथ ही 82 एमएएम के मोर्टार गोले तथा रॉकेट दागे।
सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की जिससे दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई जो आज अपराह्न ढाई बजे तक चली।
अधिकारियों ने बताया कि कल रात से शुरू हुई गोलाबारी और गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ। गोलाबारी के चलते लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
पाकिस्तानी सैनिकों ने कल जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित 50 भारतीय चौकियों पर जबर्दस्त गोलाबारी की थी जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। 2003 के बाद से इसे संघर्षविराम का सबसे भीषण उल्लंघन माना जा रहा है। इसके चलते गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे को यह घोषणा करनी पड़ी कि पाकिस्तान को ‘उचित उत्तर’ दिया जाएगा।
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