जमीनी पानी दोहन के लिए घर-घर में लगते बोरवेल एक बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं
नई दिल्ली:
जमीनी पानी के बढ़ते दोहन पर लगाम लगाने के लिए एनजीटी ने घरेलू बोरवेल कनेक्शन पर लगाम लगाने का फैसला किया है. इसके तहत पेयजल के लिए घरेलू बोरवेल पर निर्भर ऐसे लोगों, जिनके पास पानी की सप्लाई के वैकल्पिक स्रोत नहीं हैं, उन्हें केंद्रीय भूमिगत जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) से बोरवेल के लिए इजाजत लेने की जरूरत होगी.
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और हापुड़ जिलों में उद्योगों, निजी लोगों, बिल्डरों या पानी टैंकर आपूर्तिकर्ताओं के बोरवेल को एक हफ्ते के अंदर सील करने का निर्देश दिया था.
हालांकि, हरित अधिकरण ने साफ किया है कि उसका इरादा स्थानीय बाशिंदों का जीवन प्रभावित करना नहीं है जो जीवित रहने के लिए भूजल पर निर्भर हैं. इसने सभी घरेलू उपभेाक्ताओं से इजाजत के लिए आवेदन देने को कहा, बशर्ते कि उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया हो.
(इनपुट भाषा से भी)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और हापुड़ जिलों में उद्योगों, निजी लोगों, बिल्डरों या पानी टैंकर आपूर्तिकर्ताओं के बोरवेल को एक हफ्ते के अंदर सील करने का निर्देश दिया था.
हालांकि, हरित अधिकरण ने साफ किया है कि उसका इरादा स्थानीय बाशिंदों का जीवन प्रभावित करना नहीं है जो जीवित रहने के लिए भूजल पर निर्भर हैं. इसने सभी घरेलू उपभेाक्ताओं से इजाजत के लिए आवेदन देने को कहा, बशर्ते कि उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया हो.
(इनपुट भाषा से भी)
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