दिल्ली हाईकोर्ट ने जज के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर अरविंद केजरीवाल को लगाई फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि के मामले में सुनवाई तेज करने के एकल जज के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाई.

दिल्ली हाईकोर्ट ने जज के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर अरविंद केजरीवाल को लगाई फटकार

अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से फटकार

खास बातें

  • सुनवाई तेज करने के एकल जज के फैसले पर सवाल उठाने पर सवाल
  • न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अपील की थी
  • सुनवाई तेज गति से करना जज का कर्तव्य : कोर्ट
नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट ने अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि के मामले में सुनवाई तेज करने के एकल जज के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाई. हाईकोर्ट ने केजरीवाल की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा, जिसमें उन्होंने अपने और आप के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई तेज करने के एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अपील की थी. हाईकोर्ट ने कहा कि मामलों की सुनवाई तेज गति से करना उसका कर्तव्य है, तेज गति से सुनवाई सुनिश्चित करना एकल न्यायाधीश की गलती नहीं कही जा सकती.

पढ़ें: एक अच्छी और एक बुरी खबर के बीच अरविंद केजरीवाल को क्यों याद आए अलबर्ट आइंस्टीन

इससे पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित रूप से झूठा हलफनामा दायर करने को लेकर अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली के नए आवेदन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री से आज जवाब मांगा था. आरोप है कि हलफनामे में केजरीवाल ने गलत बयानी की कि उन्होंने पहले से चल रहे मानहानि के मामले में अपने वकील को केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए नहीं कहा था.

पढ़ें: अगर प्राइवेट स्कूल पेरेंट्स को लूटेंगे, तो हम वैसा नहीं होने देंगे : अरविंद केजरीवाल

न्यायमूर्ति मनमोहन ने इस संबंध में केजरीवाल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में उनसे जवाब मांगा. उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर के लिए निर्धारित की है. अरुण जेटली ने केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

उन्होंने अपने एक नए आवेदन में कहा है कि केजरीवाल ने जवाब में इससे इनकार किया है कि उन्होंने वरिष्ठ वकील को अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का निर्देश दिया था, हालांकि, उनके पूर्व वकील राम जेटमलानी ने दो दिन बाद ही इसका खंडन कर दिया था.
 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com