
प्रतीकात्मक फोटो
श्रीनगर:
दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में घायल एक महिला की अस्पताल में मौत होने के साथ ही घाटी में चल रहे तनाव के कारण मरने वालों की संख्या 42 हो गई है। घाटी में कर्फ्यू आज भी जारी है।
काजीगुंड में सोमवार को सेना के एक वाहन पर प्रदर्शनकारियों के पथराव के चलते सुरक्षाकर्मियों की जवाबी गोलीबारी में नीलोफर नाम की महिला घायल हो गई थी। इस घटना में एक महिला समेत दो अन्य लोग मारे गए थे और सात अन्य घायल हुए थे।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि सेना का एक गश्ती दल देवसर की ओर जा रहा था। तभी चूराहट काजीगुंड में कुछ लोगों द्वारा सड़क पर लगाए गए अवरोधों को इसने हटाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, अवरोधों को हटा रहे सुरक्षा दल पर शरारती तत्वों ने दो तरफ से पथराव किया। सेना के दल ने भीड़ को दूर रहने के लिए कहा, लेकिन भीड़ नहीं मानी। प्रवक्ता ने कहा, कुछ शरारती तत्वों ने सैन्यकर्मियों से हथियार छीनने की और उनके वाहन जलाने की कोशिश की। बार-बार चेतावनियों के बाद भी भीड़ वहां से तितर-बितर नहीं हुई और सेना ने वहां से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं।
प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना में छह लोग घायल हो गए और इनमें से दो ने कल रात दम तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच घातक झड़पों के बंद होने का कोई संकेत न मिलने पर घाटी के 10 जिलों में कर्फ्यू जारी रहा।
ये झड़पें 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष आतंकवादी बुरहान वानी के सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शुरू हुई थीं। अधिकारी ने कहा कि घाटी में निषेधाज्ञा सख्ती से लागू करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैन्यबल के जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में और कहीं से अभी तक ताजा हिंसा की कोई खबर नहीं है।
सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने कल एक संयुक्त बयान में कहा था कि घाटी में बंद 22 जुलाई तक जारी रहेगा। हालांकि 21 जुलाई को दोपहर दो बजे के बाद से उन्होंने आधे दिन की ढील की घोषणा की है। मोबाइल फोन सेवाएं और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप हैं और अखबार लगातार चौथे दिन भी प्रकाशित नहीं हुए ।
काजीगुंड में सोमवार को सेना के एक वाहन पर प्रदर्शनकारियों के पथराव के चलते सुरक्षाकर्मियों की जवाबी गोलीबारी में नीलोफर नाम की महिला घायल हो गई थी। इस घटना में एक महिला समेत दो अन्य लोग मारे गए थे और सात अन्य घायल हुए थे।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि सेना का एक गश्ती दल देवसर की ओर जा रहा था। तभी चूराहट काजीगुंड में कुछ लोगों द्वारा सड़क पर लगाए गए अवरोधों को इसने हटाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, अवरोधों को हटा रहे सुरक्षा दल पर शरारती तत्वों ने दो तरफ से पथराव किया। सेना के दल ने भीड़ को दूर रहने के लिए कहा, लेकिन भीड़ नहीं मानी। प्रवक्ता ने कहा, कुछ शरारती तत्वों ने सैन्यकर्मियों से हथियार छीनने की और उनके वाहन जलाने की कोशिश की। बार-बार चेतावनियों के बाद भी भीड़ वहां से तितर-बितर नहीं हुई और सेना ने वहां से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं।
प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना में छह लोग घायल हो गए और इनमें से दो ने कल रात दम तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच घातक झड़पों के बंद होने का कोई संकेत न मिलने पर घाटी के 10 जिलों में कर्फ्यू जारी रहा।
ये झड़पें 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष आतंकवादी बुरहान वानी के सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शुरू हुई थीं। अधिकारी ने कहा कि घाटी में निषेधाज्ञा सख्ती से लागू करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैन्यबल के जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में और कहीं से अभी तक ताजा हिंसा की कोई खबर नहीं है।
सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने कल एक संयुक्त बयान में कहा था कि घाटी में बंद 22 जुलाई तक जारी रहेगा। हालांकि 21 जुलाई को दोपहर दो बजे के बाद से उन्होंने आधे दिन की ढील की घोषणा की है। मोबाइल फोन सेवाएं और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप हैं और अखबार लगातार चौथे दिन भी प्रकाशित नहीं हुए ।
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