वाहनवटी ने कहा कि लाइसेंस के आवंटन में राजस्व प्राप्त करना उद्देश्य नहीं था और सरकार का उद्देश्य दूरसंचार घनत्व बढ़ाना था।
New Delhi:
सरकार ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं हुआ है। महान्यायवादी (अटार्नी जनरल) जी. वाहनवटी ने न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की पीठ से कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं हुआ है और यह आवंटन राष्ट्रीय दूरसंचार नीति के आधार पर किया गया है। वाहनवटी ने कहा कि लाइसेंस के आवंटन में राजस्व प्राप्त करना उद्देश्य नहीं था और सरकार का उद्देश्य दूरसंचार घनत्व बढ़ाना था। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रहमण्यम स्वामी द्वारा दायर उस याचिका पर वाहनवटी ने यह बात कही जिसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि स्पेक्ट्रम मनमाने ढंग से आवंटित किए गए हैं और यह पहले आओ पहले पाओ की नीति का उल्लंघन है। स्वामी ने कहा है कि दूरसंचार कम्पनियों ने अपने समझौतों का भी उल्लंघन किया है।
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