मध्य प्रदेश सरकार की चालू वित्त वर्ष की नवीन आबकारी व्यवस्था के तहत 90 मिलीलीटर की शीशी में भी देशी मदिरा की आपूर्ति की जाएगी ताकि कम पैसे वाले भी सरकारी दुकान से मदिरा खरीदें. इसका उद्येश्य सस्ती शराब की लालच में जहरीली शराब के सेवन के खतरों से लोगों को बचाना है. राज्य के एक आला अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदित नवीन आबकारी व्यवस्था में इसका प्रावधान किया है. इसमें कहा गया है, ‘‘90 मिलीलीटर की धारिता (पैकिंग) में भी देशी मदिरा का वितरण किया जाए.''
प्रारम्भ में उत्पादन का कम से कम 10 प्रतिशत 90 मिलीलीटर की पैकिंग में भरना अनिवार्य किया गया है. बाद में मांग के अनुरूप यह अनुपात कम ज्यादा किया जा सकेगा. इस पैक का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 180 मिलीलीटर की बोतल का आधा रखा जाए.वर्तमान में 90 मिलीलीटर की शीशी में भारत में विनिर्मित अंग्रेजी शराब ही बेची जाती है. आम बोल चाल में इस पैक को बच्चा या पिल्ला बोला जाता है.
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सरकार ने 90 मिलीलीटर की बोतल में देशी शराब की आपूर्ति का निर्णय ऐसे समय किया है जबकि उज्जैन एवं मुरैना जिलों में गत अक्टूबर से जनवरी के बीच तक 38 लोगों की सस्ती जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी. इनमें से अधिकांश बेघर लोग एवं भिखारी थे.
मंत्रिपरिषद ने ऑनलाइन शराब बेचने के प्रस्ताव को नहीं माना गया. कोरोना कर्फ्यू की वजह से यह प्रस्ताव आया था. छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में ऑनलाइन शराब बेची जा रही है. अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की शेष अवधि एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक के लिये नवीन आबकारी व्यवस्था को मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है. अनुमोदित आबकारी व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने के लिये राज्य शासन ने निर्देश जारी कर दिये हैं.
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग ने आबकारी आयुक्त को निर्देश जारी कर नई व्यवस्था के तहत नवीनीकरण की कार्यवाही 18 मई 2021 की शाम पांच बजे तक अनिवार्य रूप से पूरी करने को कहा गया है. अधिकारी ने बताया कि उप सचिव, वाणिज्जिक कर आर.पी. श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत नवीन व्यवस्था में जो प्रावधान किये गये है. उसमें वर्तमान में प्रदेश के मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों को वर्ष 2020-21 प्रभावशील समस्त प्रावधानों एवं शर्तों को यथावत रखते हुये एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक की अवधि के लिये ठेकों के नवीनीकरण का विकल्प दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि नवीनीकरण के लिये वर्ष 2020-21 के 10 माह के मूल्य की गणना के लिए 31 मार्च 2021 को जीवित ठेके के स्वीकृत मूल्य को प्रोरेटा आधार पर 365 दिवस का बनाया जाकर उसमें से एक अप्रैल 2020 से 31 मई 2020 की अवधि के वास्तविक मूल्य (प्रथम त्रैमास को 30 प्रतिशत वेटेज देते हुए) को घटाया जाएगा. इस 10 माह के प्राप्त मूल्य में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने पर एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 की अवधि के लिये नवीनीकरण का मूल्य निर्धारित होगा.
मध्य प्रदेश आबकारी आयुक्त राजीव दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘कोरोना कर्फ्यू के कारण शराब की दुकानें बंद रहने से प्रतिदिन करीब 32 करोड़ रूपये का बिजनेस प्रभावित हो रहा है.''
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