
Coronavirus Pandemic: बिहार में कोरोना के केसों (Coronavirus cases in Bihar) में लगातार हो रही वृद्धि ने नीतीश कुमार सरकार (Nitish Kumar Government) के माथे पर सलवटें ला दी हैं. नालंदा में कोरोना के कहर से कोहराम मचा है, लोग आए दिन काल के गाल में समा रहे है, इस कारण लोगों मे अब आक्रोश पनप रहा है. यहां लोगों की सही समय पर जांच नही हो रही है. यही नहीं, जिसकी जांच हो भी रही है उसकी रिपोर्ट मौत के बाद पॉजिटिव आ रही है. आज भी लखीसराय के शिक्षा विभाग के डीपीओ की मौत कोरोना वायरस के कारण हो गई. मृतक परबलपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे.
परिवार के लोगों का आरोप है की 14 जुलाई को जांच के लिए सेम्पल लिया गया था, आज जब बिना इलाज के मौत हो गई तो स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट जारी की कि उन्हें कोरोना पॉजेटिव पाया गया है. परिवार के लोगों कहना है कि इस प्रकार की जांच से क्या फायदा.बिहार में कोरोना के केसों की संख्या 26 हजार के पार पहुंच गई है, इसमें एक्टिव केसों की संख्या 10 हजार से कुछ अधिक है.
वहीं दूसरी तरफ बिहारशरीफ सदर अस्पताल में 4 दिन से एक मरीज अस्पताल के इमरजेंसी बार्ड के पास बरामदे में पड़ा हुआ था, जिसे देखने वाला कोई नहीं. इसकी देखरेख उसकी 5 साल की भतीजी कर रही थी. आज जब मीडिया की टीम की नजर बीमार व्यक्ति पर गई तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. आननफानन में उसे पटना रेफर कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग इस प्रकार की लापरवाही पर लोगों ने रोष जताया है. उनका कहना है कि इसी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो आने वाले दिनों में कोरोना के केसों और मौतों की संख्या में और इजाफा हो सकता है.
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