
मुंबई:
महाराष्ट्र विधानसभा परिसर के भीतर एक पुलिसकर्मी की पिटाई करने के मामले में वसई के विधायक क्षितिज ठाकुर, मनसे विधायक राम कदम और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिसकर्मी तेज गति से चल रही विधायक की कार का चालान काटना चाहता था जिसके कारण विधायकों ने उसकी पिटाई कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘वर्ली थाने से संबद्ध सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सूर्यवंशी की शिकायत के आधार पर मरीन ड्राइव पुलिस थाने में विधायक क्षितिज ठाकुर, मनसे विधायक राम कदम और करीब 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।’ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहित की धाराओं 143, 341, 353, 504, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले के अन्य आरोपियों के नाम अभी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपे जाने की संभावना है। मुंबई पुलिस की यह शाखा सामान्य तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों या गंभीर मामलों की जांच करती है।
इससे पहले, इसके चलते राज्य विधानसभा सदन पांच बार कार्यवाही स्थगन का साक्षी बना। सभी पार्टियों के नाराज विधायकों ने पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग की और आगाह किया कि उसके निलंबन के बगैर सदन की कार्यवाही नहीं चल सकती।
वर्ली पुलिस थाने से जुड़े सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सूर्यवंशी ने मंगलवार को कथित रूप से बांद्रा-वर्ली सीलिंक पर ठाकुर के वाहन को उस वक्त रोका था जब विधायक विधानसभा सत्र में शरीक होने के लिए जा रहे थे।
ठाकुर को कथित रूप से जुर्माना लगाया गया था क्योंकि उनका वाहन गतिसीमा पार कर गया था। इस मुद्दे पर विधायक और पुलिसकर्मी के बीच कहा-सुनी हो गई जिसके दौरान पुलिसकर्मी ने कथित रूप से ठाकुर के साथ दुर्व्यवहार किया। राज्य विधानसभा में वसई का प्रतिनिधित्व करने वाले ठाकुर ने प्रश्नकाल के बाद सदन में सूर्यवंशी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने विधानसभा में अपने साथ हुई घटना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि पुलिसकर्मी ने किस तरह उनके साथ ‘दुर्व्यवहार’ किया।
पुलिसकर्मी तेज गति से चल रही विधायक की कार का चालान काटना चाहता था जिसके कारण विधायकों ने उसकी पिटाई कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘वर्ली थाने से संबद्ध सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सूर्यवंशी की शिकायत के आधार पर मरीन ड्राइव पुलिस थाने में विधायक क्षितिज ठाकुर, मनसे विधायक राम कदम और करीब 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।’ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहित की धाराओं 143, 341, 353, 504, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले के अन्य आरोपियों के नाम अभी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपे जाने की संभावना है। मुंबई पुलिस की यह शाखा सामान्य तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों या गंभीर मामलों की जांच करती है।
इससे पहले, इसके चलते राज्य विधानसभा सदन पांच बार कार्यवाही स्थगन का साक्षी बना। सभी पार्टियों के नाराज विधायकों ने पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग की और आगाह किया कि उसके निलंबन के बगैर सदन की कार्यवाही नहीं चल सकती।
वर्ली पुलिस थाने से जुड़े सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सूर्यवंशी ने मंगलवार को कथित रूप से बांद्रा-वर्ली सीलिंक पर ठाकुर के वाहन को उस वक्त रोका था जब विधायक विधानसभा सत्र में शरीक होने के लिए जा रहे थे।
ठाकुर को कथित रूप से जुर्माना लगाया गया था क्योंकि उनका वाहन गतिसीमा पार कर गया था। इस मुद्दे पर विधायक और पुलिसकर्मी के बीच कहा-सुनी हो गई जिसके दौरान पुलिसकर्मी ने कथित रूप से ठाकुर के साथ दुर्व्यवहार किया। राज्य विधानसभा में वसई का प्रतिनिधित्व करने वाले ठाकुर ने प्रश्नकाल के बाद सदन में सूर्यवंशी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने विधानसभा में अपने साथ हुई घटना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि पुलिसकर्मी ने किस तरह उनके साथ ‘दुर्व्यवहार’ किया।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं