
कांग्रेस ने असम के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर आश्वासन दिए जाने के बाद उन पर तंज कसते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वहां के लोग प्रधानमंत्री के संदेश नहीं पढ़ सकते क्योंकि इंटरनेट सेवा बंद है. पार्टी ने यह दावा भी दोहराया कि यह विधेयक पूरी तरह असंवैधानिक है और इसे किसी ने किसी तरफ से उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी.
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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को असम के लोगों को अश्वासन किया कि उन्हें नागरिकता (संशोधन) विधेयक के संसद में पारित होने के बाद चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और कोई उनके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता.
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मोदी पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘‘असम के हमारे भाई और बहन मोदी जी का संदेश नहीं पढ़ सकते क्योंकि उनके लिए इंटरनेट बंद है.'' कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह असंवैधानिक है और यह उच्चतम न्यायालय जा रहा है. इसका कोई मतलब नहीं है कि इसे कौन चुनौती देगा.'' गौरतलब है कि संसद से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद असम और पूर्वोत्तर के कई अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)