Pawan Khera Bail: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुईंया पर की गई टिप्पणी के मामेल में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है. गुरुवार को कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद शुक्रवार ने खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यह मामला हिरासत में पूछताछ की जरूरत वाला कम, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का ज्यादा है.
हिमंता ने पवन खेड़ा पर किया था तीखा हमला
सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का इंटरव्यू देखने के बाद यह राय बनाई, जिसमें उन्होंने 5 मई को सत्ता में लौटने के बाद अपनी आगे की कार्रवाई के बारे में बयान दिए थे. असम सीएम ने पवन खेड़ा पर कहा था- 'खेड़ा को पेड़ा बना दूंगा', साथ ही उन्होंने पवन खेड़ा पर दिए गए एक बयान में 'पेलूंगा' शब्द का भी जिक्र किया था.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से प्रेरित
सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को अग्रिम जमानत देते हुए कहा, “हमारी राय है कि इस मामले में जो आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं, वे पहली नजर में राजनीतिक रूप से प्रेरित और आपसी रंजिश से प्रभावित प्रतीत है. ये ऐसी कोई स्थिति नहीं दर्शाते जिसके लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी हो. इन आरोपों की सच्चाई की जांच तो ट्रायल के दौरान की जा सकती है.”
पवन खेड़ा को किन शर्तों के साथ मिली अग्रिम जमानत
- पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा.
- जब भी पुलिस स्टेशन में बुलाया जाए, उपस्थित होना पड़ेगा.
- वह किसी भी तरह से सबूतों को प्रभावित या छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे.
- खेड़ा बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे.
- ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शर्तें भी लागू कर सकता है.
आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से प्रेरित
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि लगाए गए आरोप और प्रत्यारोप प्रथम दृष्टया “राजनीतिक रूप से प्रेरित” प्रतीत होते हैं. ऐसे हालात में आरोपी पवन खेड़ा से हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है. जांच एजेंसियां बिना हिरासत में लिए भी मामले की जांच आगे बढ़ा सकती हैं.
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