New Delhi:
डीएमके के छह केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफा देने के फैसले के मद्देनजर टूट के कगार पर पहुंचे कांग्रेस और डीएमके गठबंधन को पटरी पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस सिलसिले में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी, सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, कांग्रेस के तमिलनाडु मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और डीएमके नेता दयानिधि मारन के बीच बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि डीएमके के कुछ नेता सोमवार शाम साढ़े छह बजे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात करेंगे। इस बीच, प्रणब मुखर्जी ने करुणानिधि से भी टेलीफोन पर बातचीत की। संसद भवन स्थित प्रणब के कक्ष में बैठक के लिए जाते समय मारन से जब यह पूछा गया कि गठबंधन के पटरी पर लौटने की क्या संभावना है, उन्होंने कहा, अभी यह पूछने का समय नहीं है। हमें आपना काम करने दें। इससे पहले वित्तमंत्री ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि से समर्थन वापसी के अपने निर्णय पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था। बहरहाल, पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में बालू ने कहा, अभी डीएमके की ओर से इस्तीफा देने के फैसले पर पुनर्विचार नहीं हो रहा है। डीएमके ने कहा था कि एमके अलागिरि सहित डीएमके के छह मंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
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