
मधुसूदन मिस्त्री (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
गुजरात में दलितों पर हुई कथित ज्यादती का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के एक सदस्य ने मंगलवार को राज्यसभा में आरोप लगाया कि उना में हुई घटना के पीड़ितों को घटना के 15 दिन बाद भी चार लाख रुपये का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है।
कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उना में कथित ज्यादती के पीड़ित दलितों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था। लेकिन अब तक पीड़ितों को केवल एक लाख रुपये ही मिल पाए हैं।
मिस्त्री ने कहा 'क्या उनके पास धन नहीं है... या फिर वह धन देना नहीं चाहते। सरकार की ओर से यह निष्ठुर रवैया क्यों।' उन्होंने जानना चाहा कि पीड़ितों को कब तक पूरा मुआवजा दिया जाएगा। विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनके इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उना में कथित ज्यादती के पीड़ित दलितों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था। लेकिन अब तक पीड़ितों को केवल एक लाख रुपये ही मिल पाए हैं।
मिस्त्री ने कहा 'क्या उनके पास धन नहीं है... या फिर वह धन देना नहीं चाहते। सरकार की ओर से यह निष्ठुर रवैया क्यों।' उन्होंने जानना चाहा कि पीड़ितों को कब तक पूरा मुआवजा दिया जाएगा। विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनके इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।
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