
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियां (Government jobs in Madhya Pradesh) राज्य के लोगों के लिए ही रिजर्व की जाएंगी. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने मंगलवार को यह अहम घोषणा की. वैसे उनकी यह घोषणा ऐसे समय विवादों को जन्म देने वाली मानी जा रही है जब कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के कारण देश में बड़ी संख्या में लोग नौकरी के संकट का सामना कर रहे हैं.सीएम शिवराज सिंह ने एक वीडियो स्टेटमेंट में कहा, 'मध्य प्रदेश ने आज एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है. हम ऐसे जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे जिससे मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों केवल राज्य के ही युवाओं को दी जा सके. मध्य प्रदेश के संसाधन केवल प्रदेश के बच्चों के लिए हैं.'
सीएम ने इससे पहले कहा था कि सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा था, 'मध्यप्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरी में तरजीह मिलेगी. यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने राज्य के युवाओं की चिंता करें खासतौर पर तब जब अवसर कम हैं. '
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसे मैकेनिज्म को लाएंगे जिससे कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट के आधार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार सुनिश्चित हो. इस दौरान सीएम ने यह भी कहा कि हम नौकरियों में ओबीसी कोटा 14 से 27 फीसदी तक बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने शिवराज चौहान को याद दिलाया था कि उन्होंने राज्य की औद्योगिक इकाइयों में 70 फीसदी नौकरियां यहीं के लोगों को दिए जाने के लिए कानून लाने की कोशिश की थी. उन्होंने प्राइवेट सेक्टर के जॉब में प्रदेश के लोगों के लिए ही 70 फीसदी कोटे की घोषणा की थी. कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ही शिवराज ने मध्य प्रदेश के सीएम का पद संभाला है..
बासमती पर भिड़े मध्य प्रदेश और पंजाब
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं