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This Article is From Dec 19, 2011

यूपी का विभाजन प्रस्ताव सवालों के साथ लौटाया केंद्र ने

केंद्र ने उप्र विधानसभा में पारित राज्य के विभाजन प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को लौटाते हुए उससे कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पारित राज्य के चार भागों में विभाजन के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को लौटाते हुए उससे इसमें प्रस्तावित राजधानियों, सीमाओं और बढ़ते कर्ज के बोझ जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगे हैं। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, हमने उत्तर प्रदेश के राज्य के विभाजन के प्रस्ताव को वापस भेज दिया है और आठ से नौ प्रश्नों पर जवाब मांगे हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को प्रस्ताव वापस करते हुए कहा है कि उसे प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर कार्रवाई से पहले कई प्रमुख मुद्दों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नवंबर में मुख्यमंत्री मायावती ने विपक्ष को अचरज में डालते हुए राज्य को अवध प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम प्रदेश में विभाजिन करने संबंधी प्रस्ताव रखा था। मायावती के विरोधियों ने इसे प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चली गई राजनीतिक चाल करार दिया था। अधिकारियों के अनुसार गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से ये स्पष्ट करने को कहा है कि प्रस्तावित चारों राज्यों की राजधानियां कहां होंगी, उनकी सीमाएं कहां होंगी।
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