- CBI की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- SC ने कहा- कमिश्नर की नहीं होगी गिरफ्तारी
- CBI के सामने पेश हों कमिश्नर- SC
CBI बनाम ममता सरकार (CBI vs Mamata Banerjee) मामले में CBI की दो अर्ज़ियों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई की गई. चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच इस मामले की सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि कमिश्नर की कोई गिरफ्तार नहीं होगी.
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सीबीआई की ओर से बहस शुरू की, शारदा चिटफंड घोटाला मामले में सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में कहा, 'कोलकाता पुलिस ने छेड़छाड़ किए हुए कॉल डेटा रिकॉर्ड मुहैया कराए. चिटफंड घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार कर रहे थे.'
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'कोलकाता पुलिस प्रमुख से जांच के लिए पेश होने को कह सकते हैं और सीबीआई की अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया जाएगा.' वहीं कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया. कोर्ट ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और कराने और शारदा घोटाला जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा. कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार पूछताछ के लिए शिलांग में सीबीआई के सामने पेश होंगे. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त को सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर जवाब दायर करने को कहा. कोर्ट पश्चिम बंगाल के प्रमुख सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस प्रमुख से 20 फरवरी को अदालत में पेश होने को कह सकता है. अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तारीख तय की गई है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, यह हमारी नैतिक जीत है.
राजीव कुमार को CBI के सामने पेश होने के आदेश, SC बोला- कमिश्नर की गिरफ्तारी नहीं होगी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपील की थी कि कोर्ट कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को निर्देश दे कि वह जांच में सहयोग करें. सोमवार को CBI की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में दावा किया था कि सारदा चिटफंड मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सबूत के साथ छेड़छाड़ कर रहे. CBI की इस दलील पर CJI रंजन गोगोई ने कहा कि आप सबूतों से छेड़छाड़ के सबूत दीजिए, अगर सबूत मिले तो हम ऐसी सख्त कार्रवाई करेंगे कि उन्हें पछतावा होगा..
क्या है सारदा चिटफंड घोटाला और कोलकाता पुलिस कमिश्नर का कनेक्शन
गौरतलब है कि सारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में राजीव कुमार पर सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें कई बार समन किया गया लेकिन उन्होंने जांच में कोई सहयोग नहीं किया. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के पक्ष में खड़ी दिख रही हैं. यही वजह है कि रविवार को उनसे मुलाकात के बाद ममता ने धरने का ऐलान किया और वह तीन दिन से धरने पर ही बैठी हैं.
क्या कोलकाता हाईवोल्टेज ड्रामे का कनेक्शन योगी आदित्यनाथ से है?
ममता ने आरोप लगाया कि वे हर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहते हैं, जहां विपक्षी पार्टियां सत्ता में हैं. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, ‘मैं यकीन दिला सकती हूं...मैं मरने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं मोदी सरकार के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं हूं. हम आपातकाल लागू नहीं करने देंगे. कृपया भारत को बचाएं, लोकतंत्र बचाएं, संविधान बचाएं.' ममता ने सभी विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए एकजुट हों. उन्होंने थलसेना के अलावा केंद्र एवं राज्यों के सुरक्षा बलों का भी आह्वान किया कि वे मोदी सरकार के रवैये की ‘निंदा' करें.
यह सारा घटनाक्रम बहुत तेजी से उस वक्त शुरू हुआ, जब सीबीआई के 40 अधिकारियों की एक टीम रविवार शाम मध्य कोलकाता में कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वहां तैनात संतरियों एवं कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम वहां उनसे (कुमार से) पूछताछ करने और जांच करने गए थे. और यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया होता, तो हम उन्हें हिरासत में ले लेते.' सीबीआई के मुताबिक, चिटफंड घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कर चुके 1989 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है.
VIDEO- विपक्षी पार्टियों ने किया ममता बनर्जी का समर्थन
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