विज्ञापन
This Article is From May 12, 2021

विदेशों में कोरोना वैक्‍सीन भेजने के विपक्ष के आरोप पर BJP प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने दी सफाई..

संबित पात्रा के अनुसार, ये वैक्सीन दो कैटेगरी में भेजी गई है. पहली,  मदद के रूप में मात्र 1 करोड़ वैक्सीन भेजी गई हैं. बाकी 5 करोड़ से अधिक वैक्सीन liability (दायित्‍व) के रूप में भेजी गई है.

विदेशों में कोरोना वैक्‍सीन भेजने के विपक्ष के आरोप पर BJP प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने दी सफाई..
संबित पात्रा ने कहा-वैक्‍सीन दो कैटगरी में विदेश भेजी गई है, मदद के रूप में और दायित्‍व के तौर पर
  • कहा, दो कैटेगरी में भेजी गई है वैक्‍सीन
  • मदद के रूप में और liability के तौर पर
  • अपने पड़ोसी की सुरक्षित करना भी हमारी जिम्‍मेवारी
नई दिल्ली:

कोरोना की दूसरी लहर में भारत में नए केसों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है. कोरोना महामारी के इस दौर में विपक्ष आरोप लगा रहा है कि ऐसे समय जब देश, वैक्‍सीन की कमी से जूझ रहा है, सरकार विदेशों में वैक्‍सीन भेज रही है. इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को सफाई दी. बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि भारत की ओर से पड़ोसी देशी को मदद के लिए वैक्सीन भेजी गई क्योंकि पड़ोसी को सुरक्षित करना भी हमारी जिम्मेवारी है. संबित ने आरोप लगाया कि वैक्सीन को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है.

कोविड की पहली लहर के बाद भारत ने जल्दबाजी में खोल दिया देश : US के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट

बीजेपी प्रवक्‍ता ने बताया कि कल तक करीब 6.63 करोड़ वैक्सीन भारत के बाहर भेजे गए थे. उन्‍होंने कहा कि यह सवाल उठे कि देश से बाहर वैक्सीन क्यों भेजी गई. दरअसल, ये वैक्सीन दो कैटेगरी में भेजी गई है. पहली,  मदद के रूप में मात्र 1 करोड़ वैक्सीन भेजी गई हैं. बाकी 5 करोड़ से अधिक वैक्सीन liability (दायित्‍व) के रूप में भेजी गई है. उन्‍होंने कहा कि पड़ोस के 7 देशों को हमने 78.5 लाख वैक्सीन की डोज मदद के रूप में दी है. बाकी 2 लाख डोज UN की पीस कीपिंग फोर्स को दिए हैं क्योंकि 6,000 से ज्यादा हमारे देश के जवान अलग-अलग देशों में पीस कीपिंग के लिए काम कर रहे हैं.

कोविड के चलते असम में सख्‍त पाबंदियां, शहरी इलाकों में 15 दिन के लिए ऑफिस-धार्मिक स्‍थल रहेंगे बंद

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दूसरे दौर में भारत का स्‍वास्‍थ्‍य ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बेड और ऑक्‍सीजन की कमी से अस्‍पताल जूझ रहे हैं. कोरोना टीकाकरण केंद्रों पर भी लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं. कई राज्‍यों के पास वैक्‍सीन का स्‍टाक या तो खत्‍म हो गया है या खत्‍म होने को है, इस कारण 18 से 44 वर्ष की उम्र के लोगों के टीकाकरण कार्यक्रम को वह गति नहीं मिल पा रही है जैसी उम्‍मीद थी. कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण के तहत 1 मई से सरकार ने 18 से 44 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण का ऐलान किया है.

कोविड-19: कैसे पहनें सही और सुरक्ष‍ित तरीके से मास्क, जानें..

लेखक के बारे में
img
अखिलेश शर्मा
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sambit Patra, BJP, Vaccine Supply, Other Country
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com