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This Article is From Jun 15, 2016

कैराना पर बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमने कोई यू-टर्न नहीं लिया

कैराना पर बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमने कोई यू-टर्न नहीं लिया
नई दिल्ली: कैराना की घटना को लेकर भाजपा का जांच दल पार्टी के नेता विधानमण्डल दल सुरेश खन्ना के नेतृत्व में आज कैराना पहुंच गया है। जांच दल में श्री खन्ना के अलावा विधानमंडल दल के सचेतक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, सांसद बागपत डॉ सतपाल सिंह, सांसद सहारनपुर राघव लखन पाल शर्मा, सांसद बुलन्दशहर डॉ. भोला सिंह, सांसद अलीगढ़ सतीश गौतम, सांसद आंवला धर्मेन्द्र कश्यप, उप्र के पूर्व डीजीपी बृजलाल शामिल हैं।

बीजेपी ने कोई यू-टर्न नहीं लिया
इस मामले पर बयान से पलटने के मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि बीजेपी ने कोई यू-टर्न नहीं लिया है। हमने सांप्रदायिक रंग नहीं दिया। सपा और बसपा दे रही हैं। क़ानून व्यवस्था का मामला है। अपराधियों का तुष्टिकरण किया जा रहा है। मथुरा में भी ऐसा ही हुआ। मीडिया वहां जाकर जमीन के हालात देखे। अभी हमारी टीम गई है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी

हुकुम सिंह ने जारी की नई सूची
इधर, कैराना के सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से सटे कांधला से पलायन करने वालों की एक सूची जारी की है। इस सूची में 63 परिवारों के नाम हैं। हुकुम सिंह ने कहा कि कांधला की जो लिस्ट उन्होंने जारी की है वह एकदम सही है और वे सभी जान बचाकर भागे हैं।

इस पहले हुकुम सिंह ने कैराना से पलायन करने वाले 346 हिन्दू परिवारों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें से कई गलत साबित हुए थे। एनडीटीवी इंडिया की छानबीन में झूठ पकड़े जाने के बाद उन्होंने कहा था कि उनका इरादा हिन्दू शब्द इस्तेमाल करने का नहीं था और पलायन की वजह सांप्रदायिक नहीं आपराधिक है।

कैराना का झूठ खुला तो पलटे बीजेपी सांसद, बोले- सांप्रदायिक मामला नहीं था
एनडीटीवी इंडिया पर कैराना का #ViralJhooth दिखाए जाने के बाद अब इलाके के बीजेपी सांसद हुकुम सिंह अपने बयान से पलटते नज़र आए। आज उन्होंने साफ किया कि यह पूरा मामला सांप्रदायिक नहीं बल्कि अपराधियों से जुड़ा हुआ है।

प्रशासनिक विफलता का नतीजा
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। पलायन करने वाले लोगों की लिस्ट पर जो सवाल NDTV ने उठाए उस पर भी सांसद महोदय सफाई देते नज़र आए। उन्होंने माना की उनकी लिस्ट में कुछ गड़बड़ी हो सकती है और अगर यह सच साबित होता है तो उन्हें माफ़ी मांगने से भी परहेज नहीं है।

कार्यकर्ताओं ने तैयार की लिस्ट
उन्होंने कहा कि यह लिस्ट उनके कार्यकर्ताओं ने तैयार की थी और अगर प्रशासन को इसमें कोई गलती लगती है तो वह अपनी लिस्ट जारी करें और जब तक नई लिस्ट सामने नहीं आ जाती वह अपने 346 लोगों की लिस्ट पर कायम हैं।

हिन्दू-मुस्लिम समस्या नहीं
हुकुम सिंह ने कहा कि जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। कैराना में हिन्दू-मुस्लिम समस्या नहीं है। असल में कैराना में अपराधियों का आतंक है। कैराना में पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल है।

ईमानदारी से काम नहीं करने देते
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी ईमानदारी से काम करते को अपराधी एक महीने से ज़्यादा नहीं टिकने देते। समाजवादी पार्टी की सरकार के नेताओं की बात सुनने वाला ही अधिकारी यहां रहेगा।

गलती हुई तो माफी मांगने को तैयार
लिस्ट में गड़बड़ी पर हुकुम सिंह ने कहा कि प्रशासन ऐसे पीड़ित परिवारों की सूची क्यों नहीं जारी करता। प्रशासन कोई सूची जारी करे तभी तो जवाब दूंगा। मेरे पास कोई मशीनरी नहीं, कार्यकर्ताओं ने सूची तैयारी की है। हो सकता है इस लिस्ट में कोई ग़लती हुई हो। ग़लती सामने आई तो मैं मान लूंगा। अब भी मैं 346 लोगों की अपनी सूची पर बरक़रार हूं। सूची का खंडन मिलने के बाद ही मैं इससे हटूंगा।

फिलहाल दावे पर कायम
बीजेपी सांसद हुकूम सिंह ने 346 हिन्दू नामों की लिस्ट जारी की है जिस पर सवालिया निशान लग रहा है, लेकिन हुकूम सिंह के अपने दावे हैं।

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