
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार के अपने अरुणाचल प्रदेश का दौरा टाल दिया है और राष्ट्रपति पद के चुनाव के मद्देनजर पार्टी 15 एवं 16 जुलाई को होने जा रही अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी टाल सकती है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं.
पार्टी के एक नेता ने पीटीआई को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में अमित शाह की उपस्थिति आवश्यक है, क्योंकि भाजपा द्वारा अब किसी भी समय राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है. भाजपा अध्यक्ष सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना होने वाले थे. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 17 जुलाई को होगा. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 28 जून है।
पार्टी के नेता ने अमित शाह द्वारा अरुणाचल प्रदेश के दौरे को टालने का कारण बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक बैठक यहां हो सकती है. कांग्रेस, वाम और जदयू सहित अन्य दलों के शीर्ष नेताओं की बातचीत को देखकर लगता है कि विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारेगा. अगर ऐसा होता है तो चुनाव अवश्यंभावी हो जाएंगे.
भाजपा नेता ने कहा कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव हैं, जिसे देखते हुए 15 और 16 जुलाई को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक की तारीख तब तय की गई थी जब चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया था.
चुनाव आयोग ने 7 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया. अधिसूचना जारी किए जाने के बाद 14 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और मतगणना 20 जुलाई को होगी.
(इनपुट PTI से)
पार्टी के एक नेता ने पीटीआई को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में अमित शाह की उपस्थिति आवश्यक है, क्योंकि भाजपा द्वारा अब किसी भी समय राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है. भाजपा अध्यक्ष सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना होने वाले थे. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 17 जुलाई को होगा. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 28 जून है।
पार्टी के नेता ने अमित शाह द्वारा अरुणाचल प्रदेश के दौरे को टालने का कारण बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक बैठक यहां हो सकती है. कांग्रेस, वाम और जदयू सहित अन्य दलों के शीर्ष नेताओं की बातचीत को देखकर लगता है कि विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारेगा. अगर ऐसा होता है तो चुनाव अवश्यंभावी हो जाएंगे.
भाजपा नेता ने कहा कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव हैं, जिसे देखते हुए 15 और 16 जुलाई को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक की तारीख तब तय की गई थी जब चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया था.
चुनाव आयोग ने 7 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया. अधिसूचना जारी किए जाने के बाद 14 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और मतगणना 20 जुलाई को होगी.
(इनपुट PTI से)
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