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This Article is From Sep 18, 2015

बिहार चुनाव : एनडीए के घटक दलों में हावी होने लगा परिवारवाद

बिहार चुनाव : एनडीए के घटक दलों में हावी होने लगा परिवारवाद
एलजेपी प्रमुख रामविलास और उनके बेटे चिराग पासवान के साथ अमित शाह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: बिहार चुनावों के लिए लोक जनशक्ति पार्टी की पहली सूची जारी होते ही एनडीए के भीतर परिवारवाद की राजनीति पर फिर बहस शुरू हो गई है। पार्टी की संसदीय बोर्ड ने शुक्रवार को लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस और भतीजे प्रिंस राज को टिकट देकर इसे हवा दे दी।

पासवान ने किया भाई-भतीजावाद
प्रिंस राज रामविलास पासवान के भाई और सांसद रामचन्द्र पासवान के बेटे हैं। फैसले के ऐलान के तुरंत बाद रामचन्द्र पासवान ने फैसले का स्वागत किया और कहा की प्रिंस पढ़ा लिखा है और अगर पार्टी ने उसे टिकट देने का फैसला किया है तो इसमें गलत क्या है।

मांझी ने बेटे को दे दिया टिकट
दिलचस्प है कि एनडीए में सहयोगी जीतन राम मांझी ने कुछ ही दिन पहले रामविलास पासवान पर पार्टी में भाई-भतीजावाद करने का आरोप लगाया था और कहा था कि पासवान की पार्टी भाई-बेटे की पार्टी है, लेकिन शुक्रवार को मांझी ने अपनी पार्टी के 13 उम्मीदवारों की सूची जारी करने के दौरान अपने ही बेटे संतोष को टिकट देने का ऐलान कर दिया।  

शिवराज सिंह ने इशारों में सवाल उठाया
उधर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने पासवान और मांझी दोनों के फैसले पर इशारों में सवाल उठा दिया है। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रधान महासचिव शिवराज सिंह ने एनडीटीवी से कहा, 'मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी में एक भी टिकट परिवारवाद के नाम पर नहीं दिया जाएगा।'

परिवारवाद को लेकर शुरू हुई यह बहस दिलचस्प है। अब देखना होगा की बाकी की सीटों के ऐलान के बाद यह कितना आगे बढ़ती है।

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