नई दिल्ली:
भ्रष्टाचार के खिलाफ टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पर हमला शन्वार को भी जारी रहा वहीं अन्ना हजारे ने लोकपाल के मुद्दे पर रविवार से आमरण अनशन की चेतावनी दी। इस बीच, शाम को जंतर मंतर पर समर्थक भारी संख्या में उमड़े।
हजारे ने जहां रविवार से आमरण अनशन पर बैठने की बात कही, वहीं अरविंद केजरीवाल ने अन्ना से अपील की कि उनके प्राण देश के लिए जरूरी है और सेहत को देखते हुए उन्हें अनशन पर नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आजादी के तुरंत बाद देश ने गांधी को खो दिया, संपूर्ण क्रांति आंदोलन के बाद देश ने जल्द ही जेपी (जयप्रकाश नारायण) को खो दिया और अब देश यह सहन नहीं कर पाएगा कि अन्ना की सेहत भी बिगड़ जाए।’
दोपहर में हजारे ने रविवार से आमरण अनशन पर जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह राजनीतिक पार्टी का गठन तो नहीं करेंगे लेकिन अच्छे उम्मीदवारों को खड़ा कर जनता को विकल्प देंगे।
कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि देश इन दोनों के हाथों में सुरक्षित नहीं है।
उधर, भाजपा ने टीम अन्ना को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन ऐसा करते समय सीमा को पार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर ये सवाल करते हैं कि वह राजनीतिक दल का गठन क्यों नहीं करते और अपने उम्मीदवारों को संसद क्यों नहीं भेजते। इस पर उन्होंने कहा कि एक तो चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह चुनाव लड़ सकें, लेकिन इस अनशन के खत्म होने के बाद वह पूरे देश का दौरा करेंगे और ऐसे चरित्रवान लोगों की खोज करेंगे जो चुनाव लड़ सकें।
हजारे ने जहां रविवार से आमरण अनशन पर बैठने की बात कही, वहीं अरविंद केजरीवाल ने अन्ना से अपील की कि उनके प्राण देश के लिए जरूरी है और सेहत को देखते हुए उन्हें अनशन पर नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आजादी के तुरंत बाद देश ने गांधी को खो दिया, संपूर्ण क्रांति आंदोलन के बाद देश ने जल्द ही जेपी (जयप्रकाश नारायण) को खो दिया और अब देश यह सहन नहीं कर पाएगा कि अन्ना की सेहत भी बिगड़ जाए।’
दोपहर में हजारे ने रविवार से आमरण अनशन पर जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह राजनीतिक पार्टी का गठन तो नहीं करेंगे लेकिन अच्छे उम्मीदवारों को खड़ा कर जनता को विकल्प देंगे।
कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि देश इन दोनों के हाथों में सुरक्षित नहीं है।
उधर, भाजपा ने टीम अन्ना को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन ऐसा करते समय सीमा को पार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर ये सवाल करते हैं कि वह राजनीतिक दल का गठन क्यों नहीं करते और अपने उम्मीदवारों को संसद क्यों नहीं भेजते। इस पर उन्होंने कहा कि एक तो चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह चुनाव लड़ सकें, लेकिन इस अनशन के खत्म होने के बाद वह पूरे देश का दौरा करेंगे और ऐसे चरित्रवान लोगों की खोज करेंगे जो चुनाव लड़ सकें।
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