
नई दिल्ली:
सशक्त लोकपाल पर बुधवार को होने वाले अनशन में अन्ना अपनी टीम के साथ अनशन पर नहीं बैठेंगे। अन्ना ने कहा कि चार दिन तक यदि कोई समाधान न निकला तब वह पांचवें दिन से आमरण अनशन करेंगे।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर प्रभावी लोकपाल विधेयक के नाम पर बार-बार धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर सरकार अगले चार दिनों में उनकी बात नहीं मानती है तो वह 29 जुलाई से स्वयं अनशन पर बैठेंगे। ज्ञात हो कि टीम अन्ना जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग को लेकर 25 जुलाई से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेगी।
अन्ना ने मंगलवार को अनशन शुरू करने की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, "केंद्र सरकार ने लोकपाल लाने के मामले में हमें कई मौकों पर धोखा दिया। सरकार लोकपाल के लिए गठित संयुक्त समिति में किए गए वादे से मुकर गई। फिर सरकार ने संसद की स्थाई समिति को एवं बाद में वह संसद में पारित प्रस्ताव से भी मुकर गई।"
अन्ना ने सरकार पर टीम अन्ना में फूट डालने एवं बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार ने फर्जी सीडी जारी कर टीम अन्ना को बदनाम करने की साजिश रची। हम इस सीडी की जांच कराएंगे।"
उन्होंने कहा, "हम सिर्फ मजबूत लोकपाल विधेयक की मांग कर रहे हैं। इसके लिए टीम अन्ना के लोग 25 जुलाई से जंतर मंतर पर अनशन पर बैठेंगे। मैं मांगे मानने के लिए सरकार को चार दिन का वक्त देता हूं। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो मैं भी 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठूंगा।"
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति चुना जाना इस देश का दुर्भाग्य है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच किए बगैर प्रणब को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का मौका देना भी देश के साथ धोखा है।
वहीं टीम के सदस्य प्रशांत भूषण का कहना है कि यदि इसी तरह भ्रष्टाचार चलता रहा तब यह देश गृह युद्ध की ओर बढ़ जाएगा।
पहले खबरें आईं थी कि अन्ना खराब सेहत की वजह से अनशन पर नहीं बैठेंगे। और उनकी जगह अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अनशन करेंगे। गौरतलब है कि काले पैसे के खिलाफ मुहिम चला रहे रामदेव को भी इस अनशन में शामिल होने का न्योता भेजा गया है।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर प्रभावी लोकपाल विधेयक के नाम पर बार-बार धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर सरकार अगले चार दिनों में उनकी बात नहीं मानती है तो वह 29 जुलाई से स्वयं अनशन पर बैठेंगे। ज्ञात हो कि टीम अन्ना जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग को लेकर 25 जुलाई से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेगी।
अन्ना ने मंगलवार को अनशन शुरू करने की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, "केंद्र सरकार ने लोकपाल लाने के मामले में हमें कई मौकों पर धोखा दिया। सरकार लोकपाल के लिए गठित संयुक्त समिति में किए गए वादे से मुकर गई। फिर सरकार ने संसद की स्थाई समिति को एवं बाद में वह संसद में पारित प्रस्ताव से भी मुकर गई।"
अन्ना ने सरकार पर टीम अन्ना में फूट डालने एवं बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार ने फर्जी सीडी जारी कर टीम अन्ना को बदनाम करने की साजिश रची। हम इस सीडी की जांच कराएंगे।"
उन्होंने कहा, "हम सिर्फ मजबूत लोकपाल विधेयक की मांग कर रहे हैं। इसके लिए टीम अन्ना के लोग 25 जुलाई से जंतर मंतर पर अनशन पर बैठेंगे। मैं मांगे मानने के लिए सरकार को चार दिन का वक्त देता हूं। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो मैं भी 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठूंगा।"
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति चुना जाना इस देश का दुर्भाग्य है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच किए बगैर प्रणब को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का मौका देना भी देश के साथ धोखा है।
वहीं टीम के सदस्य प्रशांत भूषण का कहना है कि यदि इसी तरह भ्रष्टाचार चलता रहा तब यह देश गृह युद्ध की ओर बढ़ जाएगा।
पहले खबरें आईं थी कि अन्ना खराब सेहत की वजह से अनशन पर नहीं बैठेंगे। और उनकी जगह अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अनशन करेंगे। गौरतलब है कि काले पैसे के खिलाफ मुहिम चला रहे रामदेव को भी इस अनशन में शामिल होने का न्योता भेजा गया है।
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