"जबरदस्त झूठों से हैरान हूं": कांग्रेस के बयानों पर बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह

कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत की टिप्पणी पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि रावत के दावे और आरोप "अपमानजनक" हैं.

कैप्टन अमरिंदर सिंह का हरीश रावत पर पलटवार. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत की टिप्पणी पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि रावत के दावे और आरोप "अपमानजनक" हैं. हरीश रावत ने कैप्टन के कांग्रेस छोड़ने वाले बयान पर कहा था कि वह (अमरिंदर सिंह) "किसी तरह के दबाव में हैं." अमरिंदर सिंह ने कहा कि रावत की टिप्पणी "स्पष्ट रूप से पार्टी की मौजूदा दयनीय स्थिति के कारण है. जो कि साढ़े चार साल से जीत की होड़ में आगे थी."

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस्तीफा देने से पहले कांग्रेस विधायकों की एक बैठक का जिक्र करते हुए कहा, "हमने सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल) की बैठक बुलाए जाने से ठीक एक दिन पहले बात की थी. रावत ने तब कहा था कि काम के सिलसिले में कुछ भी नहीं था और यहां तक ​​दावा किया था कि उन्होंने 43 विधायकों द्वारा भेजा गया कोई पत्र नहीं देखा है. मैं हैरान हूं जिस तहर वह अब इस बारे में झूठ बोल रहे हैं," 

अमरिंदर सिंह ने बयान में कहा, "मुख्यमंत्री पद छोड़ने से तीन हफ्ते पहले, मैंने श्रीमती सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मुझे पद पर बने रहने के लिए कहा था."

अमरिंदर सिंह ने कहा, "दुनिया ने मेरा अपमान देखा है और फिर भी रावत इसके विपरीत दावे कर रहे हैं." "यह अपमान नहीं तो और क्या था?"

इससे पहले आज रावत ने कहा था कि अमरिंदर सिंह का यह कहना कि पार्टी द्वारा उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया था, सच नहीं था. अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के साथ शुरू हुई पंजाब कांग्रेस में बढ़ते संकट के बीच रावत ने संवाददाताओं से कहा, "कहा जा रहा है कि उन्हें अपमानित किया गया था. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि पार्टी ने हमेशा उन्हें सम्मान दिया है." 

अमरिंदर सिंह ने कल एनडीटीवी से कहा था कि वह कांग्रेस छोड़ देंगे क्योंकि वहां उन्हें अपमानित किया गया. कांग्रेस नेता ने उस समय पार्टी को चौंका दिया जब वह दिल्ली में भाजपा नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने गए, जिससे अटकलें लगाई गईं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं. लेकिन उन्होंने किसी भी पार्टी में शामिल होने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए शाह से मुलाकात की. हालांकि, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वह "विकल्प खुले" रखेंगे.

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