
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'संसद में सिर्फ एक व्यक्ति की आवाज़ की कीमत है' वाले बयान पर बीजेपी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया मिली, जब वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि दरअसल कांग्रेस 'राजमहल में तख्तापलट' की कोशिशों से जूझ रही है, और 'उनके घर में काफी समस्याएं' हैं।
अरुण जेटली की इस प्रतिक्रिया को उन रिपोर्टों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस के कुछ नेता राहुल के नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं, और वे उनके स्थान पर उनकी छोटी बहन प्रियंका को पार्टी से करीब से जोड़ने के इच्छुक हैं। जेटली ने कहा, "उन्हें यह आरोप लगाने की क्या ज़रूरत थी...? क्या इसलिए, क्योंकि उनके खुद के घर में समस्याएं खड़ी हो गई हैं, और वे 'राजमहल में तख्तापलट' का सामना कर रहे हैं..."
उल्लेखनीय है कि बुधवार को संसद परिसर में राहुल ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान किसी का नाम लिए बिना कहा था कि सदन में सिर्फ एक ही व्यक्ति की आवाज सुनाई देती है, हमें बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। राहुल ने कहा था, हम चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं और मैं कई दफा संसद में इसको लेकर अपनी बात उठा चुका हूं। राहुल के बयान पर बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने भी कहा था कि स्पीकर के खिलाफ इस तरह आरोप लगाना मर्यादा के खिलाफ है, जबकि अपनी प्रतिक्रिया में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री न सांप्रदायिक हैं, न तानाशाह।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर बुधवार को ही कांग्रेस के जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा में राहुल गांधी वेल में पहुंच गए थे। उस समय सभी कांग्रेस सांसद नारे लगा रहे थे, "अच्छे दिन कहां गए, प्रधानमंत्री जवाब दो..."
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर चर्चा कराने की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया था, लेकिन स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इसे नामंजूर कर दिया और हंगामे के बीच भी सदन की कार्यवाही जारी रखी गई। हंगामे में कांग्रेस के साथ यूपीए की सहयोगी पार्टियां भी शामिल थीं।
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