
दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली:
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था उन्हें 'असहाय' बना देती है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की दिल्लीवासियों की आकांक्षाओं से नहीं 'खेले'।
जैन ने दुख जताया कि वह 'चाहकर भी' दिल्ली पुलिस में रिश्वतखोरी को खत्म नहीं कर पाएंगे। उन्होंने दिल्ली पुलिस प्रमुख बीएस बस्सी पर पार्टी प्रवक्ता की तरह व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। मंत्री के मुताबिक दिल्ली सरकार कानून-व्यवस्था को ज्यादा कारगर तरीके से संचालित कर सकती है, जो वर्तमान व्यवस्था के तहत संभव नहीं है, जहां जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है।
उन्होंने कहा, आप (केंद्र) पुलिस को हमें क्यों नहीं सौंप देते? व्यवस्था ने मुझे असहाय कर दिया है। दिल्ली के गृह मंत्री के पास इतनी ताकत भी नहीं है कि वह अगर चाहे भी तो पुलिस में रिश्वतखोरी को रोक नहीं सकता। दिल्ली के लोगों ने हमें जनादेश दिया है, अब केंद्र को हमें पूर्ण राज्य का दर्जा देना चाहिए और लोगों की आकांक्षाओं से खिलवाड़ करना बंद करना चाहिए।
'आप' सरकार में महत्वपूर्ण आवाज के रूप में उभरे जैन ने इंडियन वूमेन्स प्रेस कोर में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। जैन ने पूछा, किस एजेंसी के माध्यम से आप महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, जब दिल्ली पुलिस के कमिश्नर पार्टी प्रवक्ता की तरह बात करते हैं? कहां का पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री को सार्वजनिक बहस का निमंत्रण देता है? मंत्री ने दावा किया कि मजबूत और स्वतंत्र लोकपाल के खिलाफ सारे राजनीतिक दल हैं, क्योंकि इससे 'उनके निहित स्वार्थों' का नुकसान होगा।
जैन ने मांग की, कृपया भ्रष्टाचार निरोधक शाखा हमें सौंप दीजिए। केंद्रीय गृह मंत्री को अर्धसैनिक बल, खुफिया विभाग सहित कई चीजों को देखना होता है। उनके पास समय कहां हैं कि वह दिल्ली पुलिस को देखें? एनडीएमसी का क्षेत्र अपने पास रखें और शेष हमें सौंप दें।
जैन ने दुख जताया कि वह 'चाहकर भी' दिल्ली पुलिस में रिश्वतखोरी को खत्म नहीं कर पाएंगे। उन्होंने दिल्ली पुलिस प्रमुख बीएस बस्सी पर पार्टी प्रवक्ता की तरह व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। मंत्री के मुताबिक दिल्ली सरकार कानून-व्यवस्था को ज्यादा कारगर तरीके से संचालित कर सकती है, जो वर्तमान व्यवस्था के तहत संभव नहीं है, जहां जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है।
उन्होंने कहा, आप (केंद्र) पुलिस को हमें क्यों नहीं सौंप देते? व्यवस्था ने मुझे असहाय कर दिया है। दिल्ली के गृह मंत्री के पास इतनी ताकत भी नहीं है कि वह अगर चाहे भी तो पुलिस में रिश्वतखोरी को रोक नहीं सकता। दिल्ली के लोगों ने हमें जनादेश दिया है, अब केंद्र को हमें पूर्ण राज्य का दर्जा देना चाहिए और लोगों की आकांक्षाओं से खिलवाड़ करना बंद करना चाहिए।
'आप' सरकार में महत्वपूर्ण आवाज के रूप में उभरे जैन ने इंडियन वूमेन्स प्रेस कोर में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। जैन ने पूछा, किस एजेंसी के माध्यम से आप महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, जब दिल्ली पुलिस के कमिश्नर पार्टी प्रवक्ता की तरह बात करते हैं? कहां का पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री को सार्वजनिक बहस का निमंत्रण देता है? मंत्री ने दावा किया कि मजबूत और स्वतंत्र लोकपाल के खिलाफ सारे राजनीतिक दल हैं, क्योंकि इससे 'उनके निहित स्वार्थों' का नुकसान होगा।
जैन ने मांग की, कृपया भ्रष्टाचार निरोधक शाखा हमें सौंप दीजिए। केंद्रीय गृह मंत्री को अर्धसैनिक बल, खुफिया विभाग सहित कई चीजों को देखना होता है। उनके पास समय कहां हैं कि वह दिल्ली पुलिस को देखें? एनडीएमसी का क्षेत्र अपने पास रखें और शेष हमें सौंप दें।
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