INSIDE STORY: सुकेश चंद्रशेखर जेल में बैठे-बैठे पर्दे के पीछे से ऐसे खेल रहा था करोड़ों की वसूली का खेल, PHOTOS आईं सामने

ED ने सुकेश के ठिकानों से जिन 23 लक्जरी गाड़ियों को जब्त किया था, उनमें 12 कारें लीना पाल की कंपनी के नाम पर रजिस्टर थीं. ये बेंटले ,रेंजरोवर, मर्सिडीज पोरसे लिम्ब्रोगनी ,फरारी ,डिस्कवरी जैसी महंगी कारें हैं.

नई दिल्ली:

दिल्ली की रोहिणी जेल में सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) की जेल के अंदर की सीसीटीवी तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें साफ दिखाई दे रहा है कि उसने अपने पीछे लगे सीसीटीवी कैमरों के सामने पर्दा लगा दिया है, जिससे उसकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग न हो. वो पर्दा डालकर जेल सुपरिटेंडेंट के कमरे में जाता आता था. दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल से सीसीटीवी का 5 टीबी डेटा लिया है. पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि सुकेश सीसीटीवी कैमरों को कांच की बोतलों और पर्दे से ढक देता था. सुकेश पर 200 करोड़ से ज्यादा की जबरन वसूली के आरोप हैं. इसी पर्दे के पीछ से वह वसूली करता था.बता दें कि तिहाड़ जेल में 200 करोड़ की वसूली का मामले में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है.  इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर ,उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और तिहाड़ जेल के अधिकारियों समेत 17 आरोपी हैं. रैनबैक्सी के मालिक शिवेंद्र मोहन सिंह की पत्नी से  200 करोड़ की वसूली हुई थी. धोखाधड़ी के मामले में शिवेंद्र को राहत देने के नाम पर वसूली हुई. 2019 से धोखाधड़ी के मामले में शिवेंद्र मोहन सिंह और उसका भाई मालविंदर तिहाड़ जेल में बंद हैं. ये चार्जशीट सेक्शन170/186/384/386/388/419/420/406/409/420/468/471/353/506/120B IPC & 66 D IT ACT ,section 3/4 MCOC act,1999 के तहत दायर हुई है. यह 7000 पन्नों की है और इसमें 232 गवाह हैं.

एक फोन नंबर से खुली इस केस की पहली परत
सूत्रों के मुताबिक- जुलाई 2021 में दिल्ली पुलिस को यूके के एक नंबर के बारे में तब पता चला कि इस नंबर से देश के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है और बड़े स्तर पर जबरन वसूली की जा रही है. स्पेशल सेल ने जब व्हाट्सऐप से इस नंबर की डिटेल्स मांगे तो पता चला ये नंबर एक भारतीय नंबर से कनेक्ट है.  जब इस नंबर की जांच की गई तो पता चला कि ये नंबर रोहिणी जेल नंबर 10 में बंद एक कैदी सुकेश चंद्रशेखर प्रयोग कर रहा है. जांच में यह भी पता चला की इस नंबर से टॉप सरकारी अफसर बनकर स्पूफिंग के जरिए बड़े-बड़े हाईप्रोफाइल लोगों से करोड़ों की वसूली की जा रही है.  एक ऐसी ही काल अदिति सिंह को आई जो रैनबैक्सी के मालिक की पत्नी हैं. सूत्रों के मुताबिक- जांच के दौरान 7 अगस्त 2021 को प्रदीप रमदानी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया, जो अदिति से 1 करोड़ रुपए लेने आया था. प्रदीप ने पूछताछ मे बताया कि ये सब वो अपने भाई दीपक रमदानी के कहने पर कर रहा था. इसके बाद दीपक को पूछताछ के लिए बुलाया गया दीपक ने बताया कि वो सुकेश के लिए दो साल से काम कर रहा है और सुकेश ने उसका कोड नेम रोहित रखा हुआ है. दीपक ने खुलासा किया की उसने अदिति सिंह से 30 मौकों पर अलग-अलग जगह पैसों की वसूली की है. इसके बाद दीपक की भी गिरफ्तारी हुई.

सुकेश के लिए दीपक अलग-अलग ठिकानों से करता था पैसे की उगाही
दीपक ने पूछताछ में खुलासा किया कि जेल मे रहने के दौरान उसकी मुलाकात यूनीटेक के मालिक संजय चन्द्रा से हुई, जिसने उसे सुकेश चंदशेखर से मिलवाया था. सुकेश ने दीपक को जोर बाग और अलग-अलग जगहों से पैसा इकट्ठा कर उसे सही जगह पहुंचाने का टास्क दिया था और बदले में उसे मोटा कमीशन भी दिया गया था. इसके बाद रोहिणी जेल मे छापेमारी की गई जहां से सुकेश के पास से 2 मोबाइल बरामद हुए और उसे भी गिरफ्तार किया गया.

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12वीं पास है सुकेश, एक्ट्रेस से लगाया था दिल
सुकेश ने पूछताछ में बताया की वो पिछ्ले तीन चार साल से तिहाड़ जेल में बंद है. जून 2020 से उसने खुद को टॉप सरकारी अफसर बताकर अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये 30 बार में वसूल लिए हैं. ये वसूली उनके पति शिवेंद्र मोहन सिंह को केस में राहत देने के नाम पर हुई. सुकेश ने बताया कि उसने मदुरई विश्वविद्यालय से 12वीं पास की है. शुरुआत में वह रियल स्टेट में काम करता था और कारों की रेस लगवाता था, लेकिन उसका सपना था करोड़पति बनना इसलिए उसने धोखाधड़ी करना शुरू कर दी. 2007 में वो पहली बार बेंगलौर में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हुआ. 2010 मे वो फ़िल्म एक्ट्रेस लीना पॉल के संपर्क में आया, जिससे उसने 2015 में शादी कर ली. लीना पॉल की अपराध की दुनिया मे उसकी हमसफर बन गई, उस पर भी धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज है. आदिति सिंह से जबरन वसूली के दौरान सुकेश ने एक सरकारी जैसे दिखने वाले लैंडलाइन नंबर का इस्तेमाल किया गया.

सुकेश ने जिन लोगों को पैसा लेने भेजता था, उनको 10-10 रुपए के तीन नोट दिए गए थे, जो उनकी पहचान थे. सुकेश ने इन तीनों नोट के फोटो टेलीग्राम पर अदिति सिंह को पहले ही भेज दिए थे. सूत्रों के मुताबिक- वसूली के पैसे से दिल्ली के बाहर 100 एकड़ जमीन भी खरीदी गई. इसके बाद ED और दिल्ली पुलिस ने सुकेश के दक्षिणी भारत के कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़े स्तर पर महंगी गाड़ियां ,जूते ,कपड़े, शराब की बोतलें ,नकदी और अन्य कीमती सामान और प्रोपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए.

पत्नी लीना पॉल जीती थी शाही जिंदगी
कांचीपुरम में समुद्र के किनारे एक आलीशान बंगला भी मिला, जिसमें लीना पॉल रह रही थीं. जांच के दौरान पाया गया कि वसूली के 31 करोड़ 54 लाख रुपये दिल्ली के RBL बैंक के जरिये दुबई भेजा गया है. ये पैसा 18 शैल कंपनी बनाकर भेजा गया था, जिसके बाद RBL बैंक के मैनेजर कमल पोद्दार ,अविनाश कुमार और जितेंद्र नरूला को गिरफ्तार किया गया. जांच में पता चला कि दीपक रामदनी सुकेश के कहने पर जिस कार का इस्तेमाल वसूली के पैसे के लेनदेन में कर रहा था वो स्विफ्ट कार रोहिणी जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट धर्मसिंह मीणा की थी, जिसके बाद धर्म सिंह मीणा को भी गिरफ्तार किया गया जिसने पूछताछ में खुलासा किया उसको इस काम के बदले 75 लाख रुपए कमीशन मिला था. धर्मसिंह मीणा के मोबाइल फोन की जांच से पता चला की वो और रोहिणी जेल का डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुभाष बत्रा ,लीना पॉल को व्हाट्सएप पर कॉल करते थे, जिसके बाद सुभाष बत्रा को भी गिरफ्तारी कर लिया गया उसने बताया की पैसे की हर डिलीवरी में उसे 3 लाख रुपया मिलता था, बाकी पैसा जेल स्टाफ में बांट दिया जाता था.

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तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने भी किया ये घोटाला
सुकेश वसूली के काम को अंजाम देने के लिए टेलीग्राम ऐप और काल स्पूफिंग का इस्तेमाल कर रहा था. जांच के दौरान तिहाड़ के रोहिणी जेल नंबर 10 की सीसीटीवी फुटेज का 5 TB डेटा लिया गया. सीसीटीवी फुटेज में साफ हो गया कि जेल के तमाम नियमों को ताक पर रखकर सुकेश चंद्रशेखर जेल सुपरिटेंडेंट के रूम में आता जाता रहता था. कुछ सीसीटीवी कैमरों को पानी की बोतलों और पर्दो से कवर कर दिया गया, जिससे सुकेश की गतिविधियों को रिकॉर्ड से बचाया जा सके. जांच के दौरान पता चला सुकेश ने अपनी 53 कंपनियों के जरिये वसूली के पैसे को ठिकाने लगाया, जिसमें 39 कंपनी दिल्ली, 10 मुंबई में ,2 बंगलौर और एक कटनी और एक आगरा की है. पुलिस के मुताबिक-जांच के दौरान ये पता चला कि आरोपी सुकेश अपनी पत्नी लीना पॉल, जेल अधिकारियों और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपराध का एक बड़ा सिंडिकेट जेल के अंदर से चला रहा था. उस पर पहले के भी 32 मामले में अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं, इसलिए पुलिस ने सभी आरोपियों पर मकोका लगा दिया. आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में रोहिणी जेल के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक- पांचों ने तिहाड़ जेल के नियमों को ताक पर रखकर सुकेश को कई सुविधा मुहैया कराईं. सुकेश बदले में इन्हें हर महीने पद के हिसाब से 30 लाख ,12 लाख और 6 लाख रुपये सैलरी देता था. पुलिस ने इन सभी अधिकारियों की संपत्ति को जब्त कर लिया है.

कई लग्जरी कारें, घड़ियां और महंगे जूते भी हुए बरामद
जांच के दौरान एक आरोपी कमलेश कोठारी ने खुलासा किया की वो चेन्नई मे कार डीलर का काम करता है. वो वकील मोहन राज के जरिये लीना पॉल से मिला था  और फिर उसने लीना को महंगी गाड़िया और प्रोपर्टी दिलाने में मदद की. एक और आरोपी अरुण मुत्थु और डॉल्बी सैम्युल  2018 में लीना से मिले थे. दोनों ने लीना को कई प्रोपर्टी खरीदने में मदद की. इन लोगो ने लीना को एक वेबसीरीज 'द इस्टाग्राम' बनाने में मदद की. आरोपी वकील मोहन राज ने बताया की उसकी सुकेश से मुलाकात 2014 में हुई थी.  वो हवाला नेटवर्क के जरिये लीना और सुकेश को लक्जरी गाड़िया और प्रोपर्टी खरीदने में मदद करवाता था. आरोपी जॉय डेनियल ने बताया कि उसके नाम पर सुकेश और लीना ने महंगे गहने खरीदे थे, वो वसूली की नकदी को ठिकाने लगाने का काम करता था. उसने बताया की हवाला के जरिये सुकेश ने जून 2020 से अक्टूबर 2020 के बीच में दुबई से 20 करोड़ रुपये भेजे थे, जिसका इस्तेमाल बी मोहनराज ने सुकेश के लिए जमीन और दूसरी संपत्ति खरीदने में किया.

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लीना ने बताया वो सुकेश के लिए काम कर रही थी
आरोपी फ़िल्म अभिनेत्री लीना पॉल ने बताया कि वो लगातार सुकेश के लिए काम कर रही थी, जेल के अधिकारियों के सम्पर्क में थी और जेल के बाहर रहकर पूरे नेटवर्क को चला रही थीं. ED ने सुकेश के ठिकानों से जिन 23 लक्जरी गाड़ियों को जब्त किया था, उनमें 12 कारें लीना पाल की कंपनी के नाम पर रजिस्टर थीं. ये बेंटले ,रेंजरोवर, मर्सिडीज पोरसे लिम्ब्रोगनी ,फरारी ,डिस्कवरी जैसी महंगी कारें हैं. लीना पॉल ने बताया की सुकेश जेल में वसूली करने के लिए साइलेंट कॉलिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहा था. जांच के दौरान एक इंटनेशनल हवाला कारोबारी अवतार सिंह कोचर उर्फ डाली को गिरफ्तार किया गया, जो 15 साल से हवाला कारोबार से जुड़ा था, उसका दफ्तर करोल बाग में था. दीपक रामदानी के कहने पर उसने सुकेश के वसूली के 130 करोड़ रुपये दुबई और भारत के अलग-जअलग शहरों मे भिजवाए थे. उसने दुबई ,सिंगापुर ,हांगकांग और अमेरिका में फर्जी कंपनी बनवाने में मदद भी की. इसके बदले अवतार को 10 करोड़ रुपए कमीशन के तौर पर मिले.

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