Mosquito-Borne Diseases: दुनिया भर में हर साल लाखों लोग मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की चपेट में आते हैं. मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां यानी Mosquito-borne diseases संक्रमित मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलती हैं. ये न केवल ऐसी बीमारियां फैलाते हैं जो इंसानों को प्रभावित करती हैं. मच्छरों के काटने से कुछ खतरनाक बीमारियां होती हैं, जिसके लिए लंबे इलाज की जरूरत होती है. कुछ मामलों में मरीज की मौत तक हो जाती है. तो चलिए जानते हैं कौन सी हैं वो बीमारियां.
मच्छरों के काटने से होने वाली सबसे खतरनाक बीमारियां- (Most dangerous mosquito-borne diseases)
1. मलेरिया-
मलेरिया एक नुकसानदायक और बड़े पैमाने पर फैली बीमारी है. मादा एनोफिलीज मच्छर इस बीमारी को फैलाती हैं, जिससे बुखार, सिरदर्द और कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ये लक्षण मच्छर के काटने के 10 से 15 दिन बाद शुरू होते हैं. मलेरिया के कुछ प्रकार जानलेवा भी हो सकते हैं. हर साल लगभग 247 मिलियन से ज्यादा लोगों में मलेरिया की पहचान की जाती है. मलेरिया के लिए लंबे इलाज की जरूरत होती है.
2. डेंगू-
यह वायरल इन्फेक्शन 100 देशों में फैला हुआ है, और बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की वजह से हर साल लगभग 390 मिलियन लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं. गंभीर मामलों में, डेंगू को कभी-कभी "हड्डी तोड़ बुखार" (break bone fever) भी कहा जाता है, क्योंकि इससे तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, तेज बुखार, जी मिचलाना, थकान, पेट में तेज दर्द, उल्टी और कभी-कभी मौत भी हो सकती है.
एडीस एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर, जो डेंगू फैलाते हैं, उन्हें "मच्छरों का कॉकरोच" कहा जाता है, क्योंकि ये कीड़े इंसानों के साथ और शहरी माहौल में रहने के आदी माने जाते हैं. कम से कम 10-12 दिन तक इसका इलाज चलता है, इसके बाद धीरे-धीरे सुधार होता है. महीने भर तक इलाज की जरूरत होती है.

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3. जिका-
यह वायरस अक्सर बिना किसी लक्षण के रहता है, लेकिन इससे मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, बुखार, चकत्ते और आंखों में इन्फेक्शन (conjunctivitis) हो सकता है. जो लोग गर्भावस्था के दौरान संक्रमित मच्छर के काटने का शिकार होते हैं, उनमें गर्भपात और समय से पहले बच्चे के जन्म का खतरा रहता है. बच्चों में जन्मजात विकृतियां भी हो सकती हैं, जैसे कि माइक्रोसेफेली (सिर का आकार सामान्य से छोटा होना. एडीस मच्छर इस वायरस के मुख्य वाहक हैं, लेकिन जिका यौन संपर्क से भी फैल सकता है.
4. पीत ज्वर- (Yellow Fever)
एडीस और हीमोगोगस (Haemogogus) मच्छर की प्रजातियां इसके मुख्य वाहक हैं, और संक्रमित मादा मच्छर के काटने से सिरदर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द और जी मिचलाना जैसे लक्षण हो सकते हैं. इस बीमारी का ये नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस संक्रमण से पीलिया हो सकता है, जिसके कारण त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाता है.
येलो फीवर का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है और इसे अक्सर दूसरी बीमारियों, जैसे कि मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और वायरल हेपेटाइटिस समझने की गलती हो जाती है.
5. चिकनगुनिया-
चिकनगुनिया वायरस एडीस एल्बोपिक्टस और एडीस एजिप्टी मच्छरों द्वारा लोगों में फैलता है. हालांकि चिकनगुनिया बीमारी का इनक्यूबेशन पीरियड 2-6 दिनों का होता है, लेकिन लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4-7 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं. इस तरह के लक्षण दिखते हैं.
तेज बुखार (40 °C या 104 °F) जो आमतौर पर दो दिनों तक रहता है और फिर अचानक खत्म हो जाता है
शरीर के धड़ या अंगों पर वायरल रैशेज (लाल चकत्ते)
जोड़ों में दर्द जो कई जोड़ों को प्रभावित करता है (दो साल तक रह सकता है)
अन्य सामान्य वायरल लक्षण जैसे सिरदर्द, भूख न लगना, आदि.
इसका कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन ज्यादातर लोग इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं. इलाज के लिए आराम, लिक्विड, दर्द निवारक दवाएं, नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं और एनाल्जेसिक का इस्तेमाल किया जाता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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