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वर्ल्ड हेल्थ डे 2026: 7 अप्रैल को ही क्‍यों मनाते हैं World Health Day, जानें इस खास द‍िन का इत‍िहास और क्या है इस बार की थीम

World Health Day 2026: इस साल यानी 2026 में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम रखी गई है. टुगेदर फॉर हेल्थ. स्टैंड विद साइंस

वर्ल्ड हेल्थ डे 2026: 7 अप्रैल को ही क्‍यों मनाते हैं World Health Day, जानें इस खास द‍िन का इत‍िहास और क्या है इस बार की थीम
World Health Day 2026.

आज 7 अप्रैल है यानी वर्ल्ड हेल्थ डे. सुबह जब मैंने अपना फोन चेक किया तो हर तरफ सेहत की बातें हो रही थीं. अमित शाह जी का ट्वीट हो या सोशल मीडिया के पोस्ट, सब यही कह रहे हैं कि फिट रहना कितना जरूरी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम हर साल 7 अप्रैल को ही वर्ल्ड हेल्थ डे क्यों मनाते हैं. चलिए आज इस दिन का इतिहास और इस साल की खास थीम के बारे में एकदम आसान भाषा में बात करते हैं.

1. क्यों चुनी गई 7 अप्रैल की तारीख?

बात बहुत पुरानी है. 7 अप्रैल 1948 को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी WHO की शुरुआत हुई थी. इसी दिन की याद में वर्ल्ड हेल्थ डे मनाने का फैसला लिया गया. हालांकि इसे पहली बार साल 1950 में मनाया गया था. तब से लेकर आज तक हर साल हम इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं ताकि दुनिया भर में लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो सकें. जेन जी की भाषा में कहें तो. ब्रो, यह दिन आपकी बॉडी का एनुअल मेंटेनेंस चेकअप याद दिलाने के लिए है.

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2. वर्ल्ड हेल्थ डे मनाना क्यों है जरूरी?

इस दिन को मनाने का असली मकसद सिर्फ हैप्पी वर्ल्ड हेल्थ डे कहना नहीं है. इसका उद्देश्य है कि दुनिया के हर कोने में लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें. WHO इस दिन के जरिए सरकारों और आम जनता को उन बीमारियों के प्रति अलर्ट करता है जो तेजी से फैल रही हैं. मुझे लगता है कि "हेल्थ इज वेल्थ" वाली बात अब पुराने जमाने की कहावत नहीं बल्कि आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है.

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3. वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 की थीम क्या है?

इस साल यानी 2026 में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम रखी गई है. टुगेदर फॉर हेल्थ. स्टैंड विद साइंस. इसका सीधा सा मतलब है कि सेहत के लिए हम सबको साथ आना होगा और विज्ञान यानी साइंस पर भरोसा करना होगा. यह थीम हमें याद दिलाती है कि जब हम साइंस का सपोर्ट करते हैं तो हम अपनी लाइफ को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हैं.

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    4. सेहत से समझौता क्यों?

    अमित शाह जी ने भी अपने संदेश में कहा था कि अच्छी सेहत एक चॉइस है. सही खाना, एक्सरसाइज और अपनी देखभाल करना हमारे हाथ में है. मैं खुद पहले अपनी नींद और खाने को इग्नोर करता था, लेकिन अब समझ आया कि अगर शरीर साथ नहीं देगा तो करियर और पैसा किसी काम का नहीं है. तो आज इस वर्ल्ड हेल्थ डे पर खुद से एक वादा कीजिए कि आप अपनी हेल्थ को "बैकबर्नर" पर नहीं रखेंगे. स्टे फिट, स्टे कूल.

    (अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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