बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है. लेकिन इसके साथ ही इस मौसम में कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने का भी खतरा रहता है. खासकर महिलाओं को, इस दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ( UTI)के मामले भी बढ़ने लगते हैं. डॉ भी बताते हैं कि कुछ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इस तरह के संक्रमण में आने का खतरा बढ़ सकता है.
डॉ. पल्लवी वसल ने बताया कि इस मौसम में UTI इंफेक्शन के कारण, शुरूआती लक्षण और बचाव के आसान तरीके बताए हैं. आइए जानते हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना है.
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मानसून में UTI क्यों बढ़ता है?
हर मानसून में महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. इसकी सबसे बड़ी वजह है-
- बढ़ी हुई नमी
- लंबे समय तक गीले या पसीने वाले कपड़ों में रहना
- पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना
- पेशाब को देर तक रोकना और
- पर्सनल हाइजीन में लापरवाही
महिलाओं में मूत्रमार्ग छोटा होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से मूत्राशय तक पहुँच सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की वजह से किडनी, ब्लैडर, यूरेटर और यूरेथ्रा के किसी भी पार्ट पर असर डाल सकता है. लेकिन ज्यादातर मामलों में ये ब्लैडर और यूरेथ्रा पर असर डालता है.
UTI के सामान्य लक्षण
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब से तेज बदबू आना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
- कुछ केस में बुखार जैसा महसूस होना
- पेशाब का रंग गहरा या धुंधला दिखना
अगर ये सभी लक्षण 24-48 घंटे से ज्यादा हैं तो इसे नॉर्मल समस्या समझकर न टालें. समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्सन गंभीर रूप ले सकता है.
मानसून में UTI से कैसे बचें?
अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें UTI से काफी हद तक बचाव कर सकती हैं.
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ
- पेशाब को कभी न रोकें
- भीगे कपड़े तुरंत बदलें
- गीले कुड़े या अंडरगार्मेंट्स लंबे समय तक न पहनें.
- टॉयलेट यूज करने के बाद अच्छे से सफाई करें
- अंडरगार्मेंट्स कॉटन के पहलें और पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें.
मानसून का असली मजा तभी है, जब इसके साथ ही हम अपनी सेहत का भी ख्याल रखें. छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख कर इस तरह की समस्याओं से बच सकते हैं.
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डॉ. पल्लवी वसल, डायरेक्टर और हेड, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरूग्राम
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