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वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर मच रहा बवाल, जानें सही उम्र पता करने के 3 तरीके

Vaibhav Suryavanshi: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज जुनैद खान ने भी सोशल मीडिया पर वैभव की उम्र को लेकर तंज कसा था. अब आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी से गर्दा उड़ा रहे वैभव की उम्र को लेकर फिर से विवाद हो रहा है. आइए जानते हैं कि उम्र की जांच के लिए कौन से मेडिकल टेस्ट मौजूद हैं.

वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर मच रहा बवाल, जानें सही उम्र पता करने के 3 तरीके
Vaibhav Suryavanshi Age: वैभव सूर्यवंशी उम्र विवाद, जानें सही उम्र पता करने के क्या है तरीके.

IPL 2026 में अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर विवाद भी सुर्खियां बटोर रहा है. ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि वैभव ने अपनी उम्र गलत बताई है. हालांकि इसे लेकर वह बीसीसीआई को बोन टेस्ट भी दे चुके हैं. दरअसल, इस विवाद की शुरुआत उनके एक पुराने वीडियो इंटरव्यू से हुई थी जो उन्होंने 2023 में दिया था. उस इंटरव्यू में वैभव ने खुद कहा था कि वह सितंबर 2023 में 14 साल के हो जाएंगे. जबकि बीसीसीआई (BCCI) और आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार उनका डेट ऑफ बर्थ 27 मार्च 2011 दर्ज है, जिसके मुताबिक वह 2023 में केवल 12 साल के थे. इस बयान के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर उन पर 'एज फ्रॉड' का आरोप लगाना शुरू कर दिया कि दस्तावेजों में उनकी उम्र असलियत से करीब डेढ़ साल कम दिखाई गई है. पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज जुनैद खान ने भी सोशल मीडिया पर वैभव की उम्र को लेकर तंज कसा था. अब आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी से गर्दा उड़ा रहे वैभव की उम्र को लेकर फिर से विवाद हो रहा है. इस बीच आइए जानते हैं कि उम्र की जांच के लिए कौन से मेडिकल टेस्ट मौजूद हैं.

उम्र की जांच के लिए किए जाते हैं ये टेस्ट (Tests are done to check the age)

दांतों का विश्लेषण (ओडोंटोलॉजी)

25 साल तक की उम्र के लिए दांत सबसे सटीक इंडिकेटर होते हैं. फोरेंसिक विशेषज्ञ दांतों के निकलने के क्रम और जड़ों के कैल्सीफिकेशन (कठोर होने की प्रक्रिया) का मूल्यांकन करते हैं. इन तरीकों में बच्चों के लिए डेमिरजियन विधि और दांतों की खुली जड़ों के आकार को मापना शामिल है.

हड्डियों का ओसिफिकेशन

विकास के चरणों के दौरान, विशेषज्ञ लंबी हड्डियों में मौजूद 'ग्रोथ प्लेट्स' (एपीफाइसेस) के जुड़ने की प्रक्रिया का विश्लेषण करते हैं. वयस्कों के मामले में, प्यूबिक सिम्फिसिस या पेल्विस की ऑरिक्यूलर सतहों में होने वाले कंकालीय परिवर्तनों के आधार पर उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है.

मॉलिक्यूलर और बायोमार्कर मेथर्ड (Molecular & Biomarker Methods)

जीवित व्यक्तियों के लिए, बायोलॉजिकल एज उनकी क्रोनोलिजकल एज से अलग हो सकती है. इसे 'बायोमार्कर' का इस्तेमाल करके मापा जाता है, जैसे कि 'एपीजेनेटिक क्लॉक्स' (जो DNA मिथाइलेशन को मापते हैं), 'टीलोमीयर' की लंबाई, और 'मेटाबॉलिक पैनल्स'.

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