कई लोगों को आदत होती है कि वह यूरिन सिगन्ल्स को अवॉइड करते हैं यानी जब पेशाब आता है तो वह समय पर बाथरूम नहीं जाते और उसी स्थिति में बैठे रहते हैं. पेशाब रोक कर रखने की आदत खतरनाक साबित हो सकती है. यूरिन देर तक रोक कर रखने से हमारे किडनी, यूरेटर, ब्लैडर और यूरेथ्रा पर असर पड़ता है. साथ ही पेशाब रोक के रखने से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) होने का खतरा होता है.
क्या होता है- UTI (What is a UTI?)
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से में होने वाला इन्फेक्शन है. यूरिनरी सिस्टम में किडनी, यूरेटर, ब्लैडर और यूरेथ्रा शामिल होते हैं. ज्यादातर इन्फेक्शन निचले यूरिनरी ट्रैक्ट – ब्लैडर और यूरेथ्रा में होते हैं. महिलाओं को पुरुषों की तुलना में UTI होने का खतरा ज़्यादा होता है. ब्लैडर को प्रभावित करने वाला यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन दर्दनाक और परेशान करने वाला हो सकता है. लेकिन अगर इन्फेक्शन किडनी तक फैल जाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है.
पेशाब रोक कर रखने से कैसे होता है यूटीआई? (How does holding back urine cause a UTI?)
यूरिन आपकी किडनी से आपके ब्लैडर में जाता है और वहां इकट्ठा होने लगता है. एक लिमिट तक पहुंचने के बाद आपके ब्रेन को ये सिग्नल मिलता है कि अब आपको बाथरूम जाकर यूरिन पास करना चाहिए. लेकिन कई लोग इस सिग्नल को इग्नोर करके चुपचाप बैठे रहते हैं और यूरिन को रोकने की कोशिश करते है. कुछ समय बाद जब यूरिन का लेवल ब्लैडर में और ऊपर तक पहुंच जाता है तो ब्रेन फिर से यूरिन पास करने का सिग्नल देता है. लेकिन लोग इस बार भी बाथरूम नहीं जाते और आखिरकार ब्लैडर ऊपर तक फुल जाता है. तब जाकर आप यूरिन पास करते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो ये खतरे की घंटी है.
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अगर बार-बार ऐसा होता है तो ब्लैडर की वॉल्स से यूरिन पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता और यूरिन पास करने के बाद भी थोड़ा यूरिन अंदर पड़ा रह जाता है. इसी बचे हुए यूरिन में बैक्टीरिया पनपने लगता है. ये बैक्टीरिया जल्दी-जल्दी मल्टीप्लाई होने लगते हैं और ब्लैडर की दीवार पर चिपक जाते हैं. इसी स्थिति को यूटीआई कहा जाता है.
हेल्थ केयर प्रोफेशनल अक्सर एंटीबायोटिक्स से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का इलाज करते हैं. आप पहली बार UTI होने की संभावना को कम करने या UTI का इलाज होने के बाद दोबारा इन्फेक्शन से बचने के लिए ध्यान रखें कि यूरिन को कभी रोके नहीं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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