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बैठे-बैठे अकड़ गया शरीर? ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन से मिलेगी राहत

लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न, पीठ दर्द और शरीर की अकड़न से राहत दिलाने वाला ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन कोर शक्ति, संतुलन और लचीलेपन को बेहतर बनाता है, जानिए इसके फायदे.

बैठे-बैठे अकड़ गया शरीर? ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन से मिलेगी राहत
Urdhva Mukha Paschimottanasana करने का सही तरीका
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Urdhva Mukha Paschimottanasana Benefits: लंबे समय तक बैठे रहने, कंधा जकड़े रहने और पैरों में खिंचाव आम हो गया है. ऐसे में योग सिर्फ शरीर को मोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि खुद से जुड़ने का एक जरिया है. ऐसे ही योग पद्धति में ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन सबसे शरीर की जकड़न खोलने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने समेत कई शारीरिक स्वास्थ संबंधित समस्याओं का समाधान है.

ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन क्या है?

ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन तीन शब्दों से मिलकर बना है, ऊर्ध्व मुख का अर्थ है ऊपर की तरफ चेहरा, पश्चिम का अर्थ होता है शरीर का पिछला हिस्सा, उत्तान का अर्थ होता है, गहरा खिंचाव और आसन की अर्थ मुद्रा.

इस आसन को अंग्रेजी में अपवर्ड फेसिंग इंटेंस वेस्ट स्ट्रेच कहते हैं, इस आसन में आप उभय पादांगुष्ठासन की तरह पैर के अंगूठों को पकड़कर बैलेंस बनाते हैं और साथ ही धड़ को आगे की तरफ पैरों की ओर झुकाते हैं. यह आसन अष्टांग योग की प्राथमिक शृंखला में आता है और उभय पादांगुष्ठासन के बाद का अगला लेवल माना जाता है.

आयुष मंत्रालय ने क्या बताया?

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी इस आसन को लेकर प्रतिक्रिया दी. उनके अनुसार, ऊर्ध्व मुख पश्चिमोत्तानासन एक उन्नत योगासन है, जिसमें शरीर का संतुलन कूल्हों  पर रखा जाता है और दोनों पैरों को ऊपर आकाश की ओर सीधा खींचकर हाथों से पंजों को पकड़ा जाता है. यह अभ्यास कोर शक्ति, रीढ़ के लचीलेपन और संतुलन को सुधारता है.

कैसे किया जाता है ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन?

यह एक ऐसा योग आसन है जिसमें बैठकर पैर सीधे रखते हुए आगे झुकते हैं और अंगूठे पकड़कर रीढ़ और पैरों के पिछले हिस्से को गहराई से स्ट्रेच करते हैं.

रीढ़ और हैमस्ट्रिंग को देता है गहरा स्ट्रेच

इस आसन के नियमित अभ्यास करने से हैमस्ट्रिंग यानी जांघ के पीछे की मांसपेशियां, पैसिव तरीके से लंबी और लचीली होती हैं. यह एकमात्र ऐसा योग आसन है जो शरीर के पीछे वाले हिस्से का लचीलापन और आगे वाले हिस्से की ताकत दोनों को एक साथ बढ़ाता है, ताकि वह लचीलापन सिर्फ बैठे-बैठे न रहे, बल्कि काम करते समय भी टिके रहे.

ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन कितनी देर तक करना चाहिए?

  1. शुरुआती: 10 से 15 सेकंड तक रुकें.
  2. नियमित योग करने वाले: 20 से 30 सेकंड तक आसन में बने रह सकते हैं.
  3. एडवांस प्रैक्टिशनर: 30 से 60 सेकंड तक होल्ड कर सकते हैं.

क्या कमर दर्द वाले लोग ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन कर सकते हैं?

हल्के कमर दर्द वाले लोग विशेषज्ञ की सलाह के साथ इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं. हालांकि, स्लिप डिस्क, साइटिका, रीढ़ की चोट या ज्यादा कमर दर्द से जूझ रहे लोगों को यह आसन करने से बचना चाहिए. किसी भी असहजता या दर्द महसूस होने पर तुरंत अभ्यास रोक देना चाहिए.

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