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इलाज हुआ आसान, ABHA कार्ड में स्टोर होंगी सभी जांच और डॉक्टर की पर्चियां

आभा कार्ड के चलते मरीजों की सभी मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अब डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगी, जिससे इलाज के दौरान न सिर्फ समय बचेगा बल्कि डॉक्टरों को भी सही और सटीत जानकारी तुरंत मिल सकेगी.

इलाज हुआ आसान, ABHA कार्ड में स्टोर होंगी सभी जांच और डॉक्टर की पर्चियां
मरीजों के लिए अब इलाज कराना होगा और आसान.

Abha Card: बदलती लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच हेल्थ को बेहतर बनाकर रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है. जिसके चलते अब की चीजों को डिजिटली कर के इन बड़ी समस्याओं को कम करने की ओर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. अब इलाज को आसान और तेज बनाने के लिए डिजिटल पहल को बढ़ावा दिया जा रहा है. बता दें कि चित्रकूट के सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों में ओपीडी पंजीकरण से पहले ABHA (आभा) कार्ड बनाने की व्यवस्था लागू की जा रही है. इस नई व्यवस्था के चलते मरीजों की सभी मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अब डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगी, जिससे इलाज के दौरान न सिर्फ समय बचेगा बल्कि डॉक्टरों को भी सही और सटीत जानकारी तुरंत मिल सकेगी. चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी है. 

उन्होंने ट्वीट किया, जनपद के समस्त 198 सरकारी चिकित्सालयों (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर) तथा 47 निजी चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम में ओपीडी पंजीकरण से पूर्व आभा (ABHA) कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर तथा विकासखंड/ब्लॉक स्तर की चिकित्सा इकाइयों में भी आभा कार्ड बनाने का कार्य संचालित किया जाएगा.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जनपद के सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों को उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है. बताया गया है कि वर्तमान परिवर्तित जीवनशैली के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ गया है, जिसके चलते मरीजों को समय-समय पर अनेक जांचें करानी पड़ती हैं. अक्सर देखा जाता है कि मरीज अपनी जांच रिपोर्ट सुरक्षित नहीं रख पाते, जिससे उपचार के दौरान अनावश्यक विलंब एवं असुविधा उत्पन्न होती है. आभा (ABHA) कार्ड इस समस्या का प्रभावी समाधान है. कार्ड बनने के पश्चात मरीज की सभी चिकित्सीय रिपोर्ट्स ऑनलाइन सुरक्षित रूप से संग्रहीत की जाएंगी. आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक केवल आभा नंबर के माध्यम से मरीज की पूर्व चिकित्सा जानकारी एवं रिपोर्ट्स तत्काल देख सकेंगे, जिससे त्वरित एवं सटीक उपचार संभव हो सकेगा.

जनपदवासियों से अपील की जाती है कि आभा कार्ड बनवाने हेतु जब भी वे चिकित्सालय आएं, तो अपने साथ:

1- आधार कार्ड
2- आधार से लिंक मोबाइल नंबर युक्त मोबाइल फोन अवश्य साथ लाएं.
आभा कार्ड पर एक विशिष्ट 14 अंकों का नंबर अंकित रहेगा, जिसके माध्यम से ओपीडी पंजीकरण काउंटर से पर्ची बनाई जाएगी. भविष्य में आभा कार्ड धारक मरीज घर बैठे ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे, जिससे चिकित्सालयों में लगने वाली कतारों से मुक्ति मिलेगी.

आभा (ABHA) कार्ड बनाने की प्रक्रिया:

1- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. “Create ABHA Number” विकल्प पर क्लिक करें.
2- आधार नंबर दर्ज करें.
3- पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सत्यापन करें.
सफल पंजीकरण के बाद 14 अंकों का डिजिटल हेल्थ आईडी (ABHA) जनरेट हो जाएगा.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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