हर रसोई में कई तरह की दाल की किस्में पाई जाती हैं, जो स्वाद में तो अच्छी होती ही हैं, लेकिन सेहत के लिए भी किसी से कम नहीं होती हैं. कई लोग मन के हिसाब से दाल बनवा लेते हैं. जैसे, आज पीली दाल खाने का मन है तो वही बनवा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि कौन सी दाल कब खानी चाहिए? चलिए न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस स्पेशलिस्ट लीमा महाजन से जानते हैं कि कौन सी दाल किस समस्या में सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाती है.

मसूर की दाल कब खानी चाहिए?
अगर आपके शरीर में खून की कमी है और आपको अक्सर कमजोरी, चक्कर या थकान महसूस होती है, तो मसूर की दाल फायदेमंद साबित हो सकती है. इसमें आयरन और फोलेट की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है.

चना दाल कब खानी चाहिए?
चना दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. नियमित रूप से इसका सेवन बढ़ते ब्लड शुगर से परेशान लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

हरी मूंग दाल किसे खानी चाहिए?
अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो हरी मूंग दाल खाना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं.

अरहर दाल कब खानी चाहिए?
अरहर दाल में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, ये ब्लड वेसल्स को आराम देने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं.

पीली मूंग दाल कब खाएं?
अगर गैस, ब्लोटिंग या IBS जैसी समस्या रहती है, तो पीली मूंग दाल सबसे अच्छा विकल्प हो सकती है. यह आसानी से पच जाती है और पेट पर ज्यादा दबाव नहीं डालती. जो लोग पेट से जुड़ी दिक्कतों से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है.
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