उत्तर भारत के करोड़ों लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खबर है. अगर आप या आपका कोई जानने वाला इलाज के लिए चंडीगढ़ के मशहूर पीजीआई (PGIMER) अस्पताल पर निर्भर है, तो अब वहां इलाज कराना काफी आसान और बेहतर होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में लगभग 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बने दो बेहद आधुनिक हेल्थ सेंटर्स का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वो एक नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक की नींव भी रखेंगे..
पीजीआई के इतिहास में इसे मेडिकल सुविधाओं का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है. इन नए प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से दो बड़े सेंटर शामिल हैं पहला है एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) और दूसरा है एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC).
इन राज्यों के करोड़ों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा-
चंडीगढ़ का पीजीआई सिर्फ शहर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड जैसे कई पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी उम्मीद की आखिरी किरण होता है. इन नई सुविधाओं के शुरू होने से इन सभी राज्यों के लाखों-करोड़ों मरीजों को बहुत ही आधुनिक और बेहतरीन इलाज मिल सकेगा.
इस मौके पर पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर विवेक लाल ने कहा कि ये प्रोजेक्ट देश के सरकारी अस्पतालों के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम हैं. पीजीआई हमेशा से हर मरीज को, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, बेहतरीन इलाज देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है. अब आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को बेहद किफायती दरों पर वर्ल्ड-क्लास यानी दुनिया के सबसे अच्छे स्तर का इलाज मिल सकेगा.

न्यूरो सेंटर में 50 से सीधे हुए 400 बेड-
पीजीआई के डायरेक्टर ने एक बेहद दिलचस्प बात शेयर की. उन्होंने बताया कि साल 1967 में पीजीआई में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग की शुरुआत सिर्फ 50 बेड के साथ हुई थी. लेकिन अब नए 'एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर' के बनने से बेड की संख्या बढ़कर 400 से भी ज्यादा हो गई है. इस सेंटर में खुद का आईसीयू (ICU) और इमरजेंसी की सुविधा भी है. इसका सीधा फायदा उन मरीजों को होगा जो स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी की बीमारी, मिर्गी या किसी बड़े एक्सीडेंट (ट्रॉमा) का शिकार होते हैं.
मां और बच्चों के लिए खास इंतजाम-
वहीं, दूसरी तरफ एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर को खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के इलाज के लिए तैयार किया गया है. यहां आधुनिक लेबर रूम, बच्चों के लिए स्पेशल आईसीयू और जांच की सबसे नई मशीनें लगाई गई हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके.
कोरोना महामारी से ली सीख, बना क्रिटिकल केयर ब्लॉक-
पीएम मोदी जिस नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास करेंगे. उसे कोरोना महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. डायरेक्टर विवेक लाल ने कहा कि महामारी ने हमें सिखाया है कि क्रिटिकल केयर यानी गंभीर स्थिति में काम आने वाला मेडिकल ढांचा कोई शौक नहीं, बल्कि एक जरूरी जरूरत है. इस नए ब्लॉक के बनने से वेंटिलेटर और आईसीयू की जरूरत वाले गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत इलाज मिल सकेगा.
आपको बता दें कि पीजीआई चंडीगढ़ में हर साल लगभग 30 लाख मरीज रजिस्ट्रेशन कराते हैं और हर रोज यहां 10 हजार से 15 हजार लोग ओपीडी (OPD) में दिखाने आते हैं. अस्पताल प्रशासन का मानना है कि मरीजों की यह भारी भीड़ अस्पताल पर जनता के अटूट भरोसे को दर्शाती है.
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