World Rabbies Day: कुत्ते के काटने के तुरंत बाद रेबीज का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी जाती है ताकि इंफेक्शन से बचाव किया जा सके अक्सर जब भी हम कुत्ते के काटने की घटना देखते हैं, तो सबसे पहले हमारे मन में यही सवाल उठता है कि आक्रामक या पागल कुत्ते की पहचान किस तरह से करनी चाहिए, ताकि कुत्ते के बाइट से बचा जा सके अगर आपके मन में भी इस तरह का सवाल है, तो यहां आपको इस सवाल का जवाब मिलेगा चलिए जानते हैं-
पागल कुत्ते की पहचान कैसे करें?
- अगर सामान्य रूप से शांत रहने वाला कुत्ता अचानक लोगों या दूसरे जानवरों पर बिना उकसावे के हमला करने लगे या काटने की कोशिश करे, तो ये एक वॉर्निंग साइन हो सकता है
- कुत्ता अचानक बहुत बेचैन, चिड़चिड़ा, डरपोक या असामान्य तरीके से उत्तेजित नजर आ सकता है उसके सामान्य व्यवहार में अचानक बदलाव रेबीज के संकेत हो सकते हैं
- संक्रमित कुत्ता बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार या अजीब तरीके से दौड़ सकता है वह सामान्य गतिविधियों से अलग व्यवहार कर सकता है
- मुंह से अत्यधिक लार निकलना या झाग दिखाई देना रेबीज के संभावित लक्षणों में शामिल है हालांकि, हर झाग निकलने वाले कुत्ते को रेबीज होना जरूरी नहीं है
- कुत्ते के भौंकने या गुर्राने की आवाज अचानक बदल सकती है उसकी आवाज भारी, कर्कश या असामान्य हो सकती है कुछ मामलों में आवाज निकालने में भी परेशानी हो सकती है
- रेबीज के कारण तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है और कुत्ते को निगलने में कठिनाई हो सकती है इस वजह से वह खाना या पानी लेने में भी असामान्य व्यवहार कर सकता है
- रेबीज से संक्रमित कुत्ते कभी-कभी ऐसी चीजें खाने या चबाने की कोशिश कर सकते हैं जिन्हें वे सामान्य तौर पर नहीं खाते, जैसे लकड़ी या दूसरी चीजें
- बीमारी बढ़ने पर कुत्ते में कमजोरी, शरीर का संतुलन बिगड़ना और चलने में परेशानी जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे सकते हैं
- रेबीज का एक रूप धीरे-धीरे होने वाले लकवे से जुड़ा होता है संक्रमित जानवर में कमजोरी बढ़ते-बढ़ते पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों में पैरालिसिस हो सकता है
- गंभीर अवस्था में कुत्ते को दौरे पड़ सकते हैं, वह भ्रमित नजर आ सकता है या उसका व्यवहार और गतिविधियां सामान्य से बिल्कुल अलग हो सकती हैं
कुत्ता काट ले, तो सबसे पहले क्या करें?
कुत्ते के काटने या खरोंचने पर लक्षणों का इंतजार बिल्कुल न करें कुत्ता काटने के तुरंद बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते हुए पानी से करीब 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं और जल्द से जल्द हेल्थ एक्सपर्ट या डॉक्टर से संपर्क करें.
ये भी पढ़ें - नालंदा में 6 महीने में 13212 लोग डॉग बाइट के शिकार, क्या यहां से हटेंगी नॉनवेज की दुकानें?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं