विज्ञापन

न कोई टीका, न कोई दवा, जानें क्यों डरा रहा है यह नया स्ट्रेन, कांगो के हेल्थ मिनिस्टर ने दी बड़ी चेतावनी

Ebola Virus: कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा ने बताया कि इस समय कांगो में इबोला का बुंदीबुग्यो स्ट्रेन तेजी से फैल रहा है. इस आर्टिकल में जानें क्या है ये नया स्ट्रेन और कैसे करें बचाव.

न कोई टीका, न कोई दवा, जानें क्यों डरा रहा है यह नया स्ट्रेन, कांगो के हेल्थ मिनिस्टर ने दी बड़ी चेतावनी
Ebola Virus: DR कांगो में खतरनाक हुआ इबोला. (AI Generated Image)

​​New Ebola Outbreak 2026: दुनिया अभी कोरोना की यादों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई है कि एक और खतरनाक वायरस ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. इस बार खतरा अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR Congo) से आया है. कांगो में इबोला वायरस का एक नया और बेहद खतरनाक रूप (स्ट्रेन) तेजी से पैर पसार रहा है. सबसे डराने वाली बात यह है कि इस नए वायरस से बचने के लिए फिलहाल न तो कोई वैक्सीन (टीका) मौजूद है और न ही इसके इलाज के लिए कोई खास दवा बनी है.

​कांगो के स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) सैमुअल-रोजर कंबा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इबोला का यह नया स्ट्रेन बहुत ज्यादा जानलेवा है और इससे संक्रमित मरीजों के बचने की उम्मीद काफी कम हो जाती है.

क्यों है यह इतना खतरनाक?

​स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा ने बताया कि इस समय कांगो में इबोला का 'बुंदीबुग्यो' (Bundibugyo) स्ट्रेन फैल रहा है. वैसे तो इबोला के कई रूप पहले भी सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिकों ने उनके लिए वैक्सीन भी तैयार कर ली है, लेकिन इस 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन के साथ ऐसा नहीं है. बुंदीबुग्यो स्ट्रेन के लिए हमारे पास कोई वैक्सीन नहीं है और न ही इसका कोई पक्का इलाज मौजूद है. इस वायरस का डेथ रेट बहुत ज्यादा है, जो कि 50 फीसदी तक पहुंच सकता है. इसका सीधा और आसान सा मतलब यह है कि अगर यह वायरस 100 लोगों को अपनी चपेट में लेता है, तो उनमें से 50 लोगों की जान जाने का खतरा रहता है. यही वजह है कि डॉक्टर और एक्सपर्ट्स इस नए आउटब्रेक (प्रकोप) को लेकर बेहद परेशान हैं.

मंत्रालय ने बताया कि अब तक वायरस के 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं. संदिग्ध मामलों में से एक नर्स थी, जिसकी बुनिया के इवेंजेलिकल मेडिकल सेंटर में बुखार, ब्लीडिंग, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों के बाद मौत हो गई.

​क्या होता है इबोला वायरस?

​आपको बता दें कि इबोला एक बेहद खतरनाक बीमारी है. यह वायरस इंसानों में जानवरों (जैसे कि चमगादड़ या बंदरों) के जरिए फैलता है. जब कोई व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है, तो उसे तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, कमजोरी, गले में खराश और सिरदर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. बीमारी बढ़ने पर मरीज के शरीर के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों से खून बहने (ब्लीडिंग) लगता है, जिससे अंग काम करना बंद कर देते हैं और मरीज की मौत हो जाती है. फिलहाल, कांगो के डॉक्टर मरीजों के लक्षणों को देखकर ही उनका सपोर्टिव इलाज कर रहे हैं, क्योंकि इस वायरस को सीधे खत्म करने वाली कोई दवा अभी तक दुनिया के पास नहीं है. 

Latest and Breaking News on NDTV

इबोला वायरस के लक्षण-

  • तेज बुखार
  • शरीर में तेज दर्द
  • कमजोरी
  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • ब्लीडिंग

क्या रखें सावधानी-

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक इसकी कोई वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक साफ-सफाई रखना और संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखना ही इससे बचने का एकमात्र तरीका है.

ये भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं शहतूत के फल और पत्तियों के सेवन से क्या होता है?

मोटापा कैसे कम करें? | मोटापा दूर करने के तरीके | Motapa Kaise Kam Kare

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com