केंद्र सरकार ने दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब खांसी समेत सभी तरह के सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगे, यानी अब मेडिकल स्टोर से कोई भी कफ सिरप या अन्य सिरप आधारित दवा खरीदने के लिए पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होगा.
Union Ministry of Health and Family Welfare issues notification which brings into effect that all 'Syrups', including cough syrups will no longer be available over the counter. A prescription by a doctor will be required for the purchase of 'Syrups'. pic.twitter.com/k0jsP25EqJ
— ANI (@ANI) June 16, 2026
क्या है नया नियम?
9 जून को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि Drugs (5th Amendment) Rules, 2026 लागू कर दिए गए हैं, इसके तहत एक बड़ा बदलाव किया गया है अब ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल K से “Syrups” को हटा दिया गया है.
पहले शेड्यूल K के तहत कुछ दवाएं ऐसी थीं जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदा जा सकता था (OTC दवाएं), लेकिन अब इस लिस्ट से सिरप को बाहर कर दिया गया है. अब कफ सिरप समेत सभी तरह के सिरप बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ये कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है. पिछले कुछ समय से कफ सिरप और दूसरी सिरप वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही थी.
- कई मामलों में ओवरडोज का खतरा
- बिना जरूरत दवा लेना
- बच्चों में गलत डोज
- मिलावटी सिरप से नुकसान
इन सभी समस्याओं को देखते हुए सरकार ने सख्ती बढ़ाई है.
मेडिकल स्टोर के लिए भी सख्त नियम
नए नियम लागू होने के बाद अब मेडिकल स्टोर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि
- बिना डॉक्टर पर्ची के सिरप न बेचें
- नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है
छोटे पैक में ही मिलेगी दवा
सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है, अब सभी सिरप और लिक्विड दवाएं सिंगल-यूनिट पैक में ही बेची जाएंगी.
- 5 ml, 10 ml जैसी छोटी पैकिंग
- एक बार की डोज वाला पैक
यह नियम कब लागू होगा?
1 जनवरी 2027 से पूरे देश में लागू.
पुराने स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों को 6 महीने का समय मिल है. ऐसा इसलिए क्योंकि खुली बोतल से ओवरडोज या गलत डोज का खतरा साथ ही मिलावट या खराब होने की संभावना रहती थी.
इससे क्या होगा फायदा?
- ओवरडोज का खतरा कम होगा
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ेगी
- दवा की क्वालिटी बनी रहेगी
- मिलावट और खराब दवा का जोखिम घटेगा
इसे भी पढ़ें: क्या सच में 10 स्क्वाट्स से ब्लड शुगर होगा कंट्रोल? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सच
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं