National Pollution Control Day 2019: भारत में हर साल दिसंबर महीने की 2 तारीख को नेश्नल पॉल्यूशन कंट्रोल डे के तौर पर मनाया जाता है. प्रदूषण का कहर हम सबके सामने है. बड़े स्तर पर बढ़ता प्रदूषण इंसानों पर सीधा प्रभाव ड़ाल रहा है. प्रदूषण के चलते कैंसर, अस्थमा, स्किन की बीमारियां, आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से फैल रही हैं. दुनिया भर में देश प्रदूषण का सामना कर रहे हैं. भारत ने तो इस मामले में शर्मनाक बढ़त बनाई है. इस साल के विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट को देखें तो भारत में हर साल प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के कारण 10 लाख से ज्यादा लोग जान गंवाते हैं. वायु प्रदूषण कई खतरनाक रोगों की वजह होता है. स्ट्रोक, दिल और फेफड़ों से जुड़े रोग वायु प्रदूषण की देन हैं. कैंसर जैसे रोगों के मामले भी वायु प्रदूषण के चलते बढ़ते नजर आ रहे हैं. दिल्ली का प्रदूषण तो दुनियाभर में चर्चा का विषय रहा. इसके लिए सरकार जहां पराली जलाने और वाहनों की संख्या पर दोष लगाती दिखी तो लोगों ने सरकार के सिर पर ही ठिकरा फोडा. लेकिन सच तो यह है कि इसमें आम जनता को भी जागरुक होना होगा. इसी जागरुकता के लिए हर साल 2 दिसंबर को नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल डे यानी राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है.
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क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस , क्या है नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल डे का इतिहास
दिन था 2 दिसंबर का और साल 1984. इस दिन भारत के इतिहास में एक त्रासदी घटी, जिसे भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है. 2 और 3 दिसंबर की दरमियां रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड के प्लांट से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ, जिसकी चपेट में 5 लाख से ज्यादा लोग आए थे और तकरीबन 25,000 लोगों की मौत हो गई थी. इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की याद में ही हर साल इसी दिन राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है.
ऐसे में सवाल उठाता है कि बढ़ते प्रदूषण से खुद को कैसे बचाएं. तो चलिए जानते हैं कुछ उपाय-
1. ध्यान रखें जब भी घर से बाहर जाएं तो एंटी पॉल्यूशन मास्क पहन कर रखें.
2. अपने आसपास की जगह पर वायु प्रदूषण का स्तर चैक करें और उसी के तहत अपनी आगे की चीजों को प्लान करें.
3. जब पॉल्यूशन बहुत अधिक हो तो उस जगह जाने से बचें.
4. सेहत का ध्यान रखें. अगर आपको अस्थमा या एलर्जी है तो डॉक्टर से सलाह-मशविरा कर लें.
5. अगर स्मॉग अधिक है तो आउटडोर गेम्सक खेलने से बचें.
6. अधिक से अधिक तरल पदार्थ खाएं.
7. अगर आप मुंह पर मास्क लगा कर बाहर निकल रहे हैं, तो उसे बार-बाद छूएं नहीं.
8. जब भी घर से बाहर जाएं तो मुंह पर मास्क लगाकर जाएं.
अगर आप भी प्रदूषण को कम करने या रोकने में मदद करना चाहते हैं तो कुछ ऐसा करें-
1. हो सकता है स्पीड से प्यार करने वाले कुछ लोगों को यह तरीका पसंद न आए. लेकिन यह वाकई प्रदूषण से बचने की राह में मददगार साबित होगा. अगर इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहनों का इस्तेमाल कया जाए तो यह प्रदूषण को नियंत्रित कर सकता है.
2. प्लाइस्टिक का कम उपयोग करें. यह बात तो आप सालों से सुनते आ रहे हैं. लेकिन सच में प्लास्टिक पृथ्वी के लिए खतरा है. इसके साथ ही रबड़ या प्लास्टिक को जलाने से भी बचें. अक्सर लोग बिजली के तारों में से तांबा निकालने के लिए इन्हें जला देते हैं. यह वातावरण के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है, ऐसा न करें.
3. स्मोकिंग न करें. जी हां, आपकी यह आदत भी प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकती है. बची सिगरेट के टुकड़े बायोडिग्रेडेबल (यानी आसानी से नष्ट होने वाले) नहीं होते. ऐसे में जब आप इन्हें जमीन पर फेंकते हैं तो यह 25 साल तक बना रह सकता है. यह छोटा सा टुकड़ा अमोनिया, एसीटोन, फॉर्मलाडिहाइड, लेड, आर्सेनिक, बेंजीन और कैडमियम जैसे रसायनों से वातावरण को नुकसान पहुंचा सकता है.
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4. ऐसी चीजों का इस्तेमाल करें जो रीसाइकिल की जा सके.
5. पेड़ लगाएं. यह सबसे जरूरी है. लगातार बढ़ते प्रदूषण से लड़ने में पेड़ और हरियाली मददगार होंगे. इससे हवा साफ रहेगी और ऑक्सीजन बढ़ेगी. अगर आप पेड़ नहीं लगा सकते हैं तो भी कोशिश करे कि घर के आंगन में आप बगीचा लगाएं. वहां एयर प्यूरिफायर प्लांट लगाएं.
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