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कहीं पारा 45 पार तो कहीं आंधी-बारिश का अलर्ट! डॉक्टर से जानें खुद को और बच्चों को बीमार होने से कैसे बचाएं?

चिलचिलाती धूप के बाद मौसम विभाग का अलर्ट 24 जिलों में होगी आंधी-बारिश. इस आर्टिकल में डॉक्टर से जानें कैसे खुद का और बच्चों का रखें ख्याल.

कहीं पारा 45 पार तो कहीं आंधी-बारिश का अलर्ट! डॉक्टर से जानें खुद को और बच्चों को बीमार होने से कैसे बचाएं?
गर्मी से बच्चों को कैसे बचाएं. (Image NDTV)

देशभर में लगातार बढ़ता पारा और आग उगते सूरज देवता ने सभी का जीना मुश्किल कर दिया है. एक तरफ लोग पसीने से तर-बतर हैं, वहीं दूसरी तरफ आसमान में आंधी-तूफान के बादल भी मंडराने लगे हैं. मौसम विभाग ने राजधानी पटना में गर्मी का नया रिकॉर्ड दर्ज किया है, तो वहीं राज्य के 24 जिलों में आंधी और बारिश का बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है.

​आपको बता दें कि जब मौसम इतनी तेजी से करवट लेता है, तो इसका सबसे पहला और सीधा असर हमारी सेहत और लाइफस्टाइल पर पड़ता है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि बिहार के मौसम का ताजा हाल क्या है और इस बदलते मिजाज के बीच आपको खुद को कैसे फिट और कूल रखना है. खासकर बच्चों की सेहत पर क्या अशर पड़ता है गर्मी का इसी विषय पर एनडीटीवी ने बात की डॉ. समीर भाटी से, चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.

​24 जिलों में आंधी-पानी की चेतावनी- 

गर्मी से बेहाल लोगों के लिए एक राहत भरी खबर भी है और एक चेतावनी भी. मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, बिहार के 24 जिलों में अगले 24 घंटे में तेज आंधी, गर्जन और बिजली गिरने की पूरी संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.  

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लू से बच्चों को कैसे बचाएं. (Image NDTV) 

गरम इलाके वाले किन बातों का ध्‍यान रखें-

  1. अलर्ट मिलने के बाद बिना जरूरी काम के बाहर ना निकलें. खिड़की-दरवाजे बंद रखें.
  2. तेज हवा में छाता उल्टा होकर चोट पहुंचा सकता है. इसलिए रेनकोट, कैप सेफ बेस्ट ऑप्शन है.
  3. डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए बॉडी हाइड्रेटेड रखें. बाहर हों तो बॉटल जरूर रखें.
  4. IMD या लोकल प्रशासन का अलर्ट ही फॉलो करें. वॉट्सऐप फॉरवर्ड पर भरोसा न करें.

अगर अपके इलाके में आंधी तूफान की चेतावनी है, तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें-

  • बाहर निकलने से बचें- टीन, पेड़ की टहनी, होर्डिंग उड़कर लग सकती है. सिर पर चोट का खतरा सबसे ज्यादा.
  • बिजली का खतरा- गिरे हुए तार, पोल या बिजली गिरने से करंट लग सकता है
  • विजिबिलिटी जीरो- धूल-मिट्टी से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, एक्सीडेंट का रिस्क.
  • पेड़ गिरना- आंधी-तूफान में पेड़ के नीचे खड़ें होने से बचें. क्योंकि कमजोर पेड़ गिरने से जानलेवा हादसा हो सकता है. 

बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का कैसे रखें ध्यान- 

  1. जब तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होता है, तो बच्चों का शरीर इतनी जल्दी खुद को ढाल नहीं पाता. इस वजह से वो बीमार पड़ जाते हैं. 
  2. जब बच्चे स्कूल से आते हैं, तो आते ही तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी पीने या आइसक्रीम खाने से 'सर्द-गर्म' हो जाता है. इससे गला खराब, सर्दी-खांसी और बुखार की समस्या हो सकती है. 
  3. ​इस मौसम में उमस के कारण बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं, जिससे खाना जल्दी खराब होता है. बाहर का खुला खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, दस्त और उल्टी की शिकायत आम हो जाती है. इसलिए इस मौसम में बच्चों को बाहर के खाने से बचाएं.
  4. अगर बच्चा दिन में स्कूल से आ रहा है, तो तेज धूप से बचाएं उन्हें छतरी का इस्तेमाल करने को कहें. 
  5. ​बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें. सिर को टोपी या गमछे से ढकें और आंखों पर धूप का चश्मा जरूर लगाएं.

डॉक्टर समीर भाटी फ़ूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के दिल्ली कंसल्टेटिव समिति के सदस्य हैं. इसके साथ ही वे स्टार इमेजिंग पैथ लैब व जनता एक्स रे क्लिनिक लैब के निदेशक और स्टारएजुकेशन इंस्टिट्यूट व स्टार फाउंडेशन के संस्थापक हैं.

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