आज भी हमारे देश में कई ऐसे गांव और कस्बे हैं, जहां अचानक तबीयत खराब होने पर लोगों को मीलों दूर शहर भागना पड़ता है. कई बार तो सही समय पर गाड़ी न मिलने से मरीज की हालत और बिगड़ जाती है. लेकिन सोचिए, कैसा हो अगर डॉक्टर और अस्पताल खुद चलकर आपके दरवाजे पर आ जाएं? देश के दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में 'मोबाइल हेल्थ वैन' (Mobile Health Vans) आज सच में मददगार साबित हो रही हैं. तो चलिए जानते हैं कैसे करती हैं ये काम और क्या हैं इसके फायदे.
कैसे काम करती हैं ये वैन-
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर एक छोटी सी गाड़ी पूरे अस्पताल का फायदा कैसे दे सकती है? दरअसल, इसके काम करने का तरीका बहुत ही सीधा और असरदार है-
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- डोरस्टेप डिलीवरी- यह वैन एक तय टाइम-टेबल के हिसाब से अलग-अलग गांवों का चक्कर लगाती है. गांव के लोगों को पहले से पता होता है कि गाड़ी किस दिन और किस समय आएगी. इससे उन्हें कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
- एक ही छत के नीचे सब कुछ- इस गाड़ी के अंदर एक डॉक्टर, एक नर्स और एक लैब टेक्नीशियन की टीम होती है. गाड़ी में ही मरीज को देखा जाता है, वहीं पर जरूरी खून या यूरिन की जांच होती है और डॉक्टर की पर्ची पर तुरंत फ्री दवाइयां भी दे दी जाती हैं.
- टेली-कंसल्टेशन- अगर मरीज की बीमारी गंभीर है और वैन का डॉक्टर उसे समझ नहीं पा रहा, तो वैन में लगे कंप्यूटर या टैबलेट के जरिए शहर के बड़े डॉक्टर से वीडियो कॉल पर बात कराई जाती है. इसे टेली-मेडिसिन कहते हैं, जिससे बड़े डॉक्टर घर बैठे ही मरीज का सही इलाज तय कर देते हैं.
क्या हैं इसके फायदे-
पहाड़ी रास्ते हों, घने जंगल हों या फिर बाढ़ से घिरे इलाके, जहां पक्के अस्पताल नहीं बन पाए, वहां ये मोबाइल हेल्थ वैन पहुंच रही हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि अब गांव के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को छोटी सी बीमारी या रूटीन चेकअप के लिए पूरा दिन बर्बाद करके शहर नहीं जाना पड़ता. इससे ग्रामीणों का समय और जेब का भारी खर्च, दोनों बच रहे हैं.
मोबाइल वैन में सभी प्रकार के टेस्ट, वैक्सीन व स्वास्थ्य से संबंधित सभी प्रकार की सुविधाओं ग्रामीणों को निशुल्क प्रदान की जाती हैं.
रिसर्च गेट में छपी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-NCR के स्लम और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में मोबाइल हेल्थ वैन (MHV) ने झुग्गी-निवासियों और बेघर बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है. यह वैन न केवल मुफ्त चिकित्सा, दवाएं और जांच की सुविधा सीधे उनके दरवाजे पर पहुंचाती है, बल्कि ऑडियो-विज़ुअल माध्यमों से साफ-सफाई, माहवारी स्वच्छता और बीमारियों से बचाव की जागरूकता भी फैलाती है.
PMC Mobile Health Van Study यह रिसर्च बताती है कि जिन दूर-दराज के इलाकों में पक्के अस्पताल बनाना मुश्किल है, वहां मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) सबसे कम खर्चीला और सबसे असरदार जरिया हैं.
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