- क्या होता जब 35 की उम्र के बाद न करें संभोग.
- पीरियड्स चक्र कब बंद हो सकता हैं?
- सेक्सुअली एक्टिव रहने से होता है ये..
35 साल या मिडल एज की महिलाएं अगर नियमित रूप से सेक्सुअली एक्टिव रहती हैं, तो उनमें मीनोपॉज लेट होता है. हाल ही में पेरिस में किए गए एक शोध के नतीजों में यह बात सामने आई. शोध के अनुसार इस उम्र में हफ्ते में एक बार संभोग करने वाली महिलाओं में मीनोपॉज होने की संभावना महीने में एक बार सेक्स करने वाली औरतों से 28 फीसदी कम होती है. शोध की रिपोर्ट को जर्नल रॉयल सोसायटी ओपन साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया. आसान शब्दों में कहें तो औसतन हफ्ते में एक बार सेक्स करने वाली 28 फीसदी औरतों में मीनोपॉज तक देर से हुआ. जबकि महीने में एक बार सेक्सुअली एक्टिव रहने वाली औरतों में यह जल्दी हुआ.
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अध्ययन में कहा गया है कि जो महिलाएं मिड लाइफ यानी 35 या इससे ज्यादा उम्र की होने पर बार-बार संभोग नहीं करती हैं, तो उनमें जल्द मीनोपॉज (पीरियड्स बंद होना) देखने को मिलती है. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन की साइंटिस्ट मेगन ऑरनोट और रूथ मेस ने शोध में लिखा कि जब कोई महिला मिडल एज में यानी उम्र के मध्य पड़ाव पर पहुंचने पर सेक्सुअली कम एक्टिव रहती है, तो शरीर को गर्भधारण (Pregnant) की संभावना या ऐसे संकेत कम होते जाते हैं.'
वहीं, जब महिला जो फिजिकल कम एक्टिविटी है यह उस पर भी निर्भर करता है. इससे पहले के शोधों में यह कहा गया था कि शादीशुदा महिलाओं में अविवाहित महिलाओं के बनिस्पत देर से मीनोपॉज (Menopause) होता है. युनाइटेड स्टेट में किए गए इस शोध में तरकीबन 3000 महिलाओं को शामिल किया गया था, जो 1996 में 1997 किया गया था. इस शोध में यह पता लगाने की कोशिश की गई थी कि आखिर विवाहित महिलाओं को अविवाहित या तलाकशुदा महिलाओं के मुकाबले देर से मीनोपॉज क्यों होता है (Why Is Menopause).इस प्रोजेक्ट का नाम था स्वान (SWAN), जिसे डेटा और इमेज ट्रेक बदलाव कलेक्ट करने के लिए तैयार किया गया था, दोनों ही बाइलॉजिकल और साइकलॉजिकल, जोकि मीनोपॉज के साथ दिखते हैं.
महिलाओं के मीनोपॉज की औसत उम्र 45 से 55 के बीच मानी जाती है. लेकिन पहले ही मीनोपॉज के पाने वाली महिलाओं की संख्या में भी इजाफा देखा गया. इो प्री- मीनोपॉज कहा जाता है, जो हल्के लक्षणों के साथ दिखता है.
क्या होती है मेनोपॉज या रजोनिवृत्ति | What is Menopause
उस स्थिति को मेनोपॉज़ कहा जाता है जब महिलाओं में मासिक धर्म चक्र (menstrual Cycle) बंद हो जाता है. असल में इसे प्रजनन क्षमता (Fertility) का अंत माना जाता है. मेनोपॉज़ तब होता है, जब महिलाओं की ओवरी या अंडाशय में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन नाम के हॉर्मोन बनने बंद हो जाते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार लगातार 1 साल तक पीरियड्स (Periods) न होने की स्थित को मेनोपॉज़ माना जाता है.
क्या होते हैं मेनोपॉज़ के लक्षण
मेनोपॉज़ के लक्षण हर महिला में अलग-अलग दिख सकते हैं. कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं, जो बहुत ही आसानी से मेनोपॉज़ को पा लेती हैं वहीं कुछ के लिए यह बेहद मुश्किल भरा समय होता है. मेनोपॉज़ के कुछ लक्षणों के बारे में -
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तो क्या पीरियड्स के दर्द से छुटकारा दिलाता है मीनोपॉज
1. कई महिलाओं में देखा जाता है कि मेनोपॉज़ के शुरुआती दिनों में महिलाओं को गर्मी अधिक लगने लगती है.
2. मेनोपॉज़ के लक्षणों में से एक है नींद से जुड़ी समस्याएं होना. अगर आपके नींद के पैटर्न में कोई बदलाव हो रहा है. आपको बहुत ज्यादा नींद आ रही है या नींद ही नहीं आ रही है तो यह मेनोपॉज़ के लक्षणों में से एक हो सकता है.
3. मूड स्विंग्स भी मेनोपॉज़ के लक्षणों में से एक है. मूड में अचानक से होने वाले बदलाव या पीरियड्स के लक्षण होते हैं लेकिन रजोनिवृत्ति के समय भी मूड स्विंग्स होते हैं.
4. मेनोपॉज़ के लक्षणों में से एक बेहद ही स्टॉन्ग लक्षण होता है योनी में ड्राईनेस. असल में इस दौरान एस्ट्रोजन हॉर्मोन कम होने लगते हैं, जिससे योनि के ऊतक पतले हो जाते हैं, जिससे सूखापन आ सकता है.
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5. मेनोपॉज़ के दौरान आपको बार बार यूटीआई की समस्या हो सकती है. इसके पीछे भी ऐस्ट्रोजन हॉर्मोन की कमी ही एक कारण होता है.
6. मेनोपॉज़ के दौरान हॉर्मोन में बदलाव होते हैं. इसके चलते अक्सर भूल जाने की शिकायत सामने आ सकती है.
7. अक्सर देखा गया है कि मेनोपॉज़ के शुरुआती दिनों में महिलाओं में यौन इच्छा कम हो जाती है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं