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करोड़ों मांओं की बड़ी चिंता हुई दूर! WHO ने पहली बार छोटे बच्चों के लिए मंजूर की मलेरिया की खास दवा

WHO Malaria Treatment Infants: मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली एक घातक बीमारी है. ये एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है. इस आर्टिकल में जानें अब बच्चों को मलेरिया में कौन सी दवा दी जाएगी.

करोड़ों मांओं की बड़ी चिंता हुई दूर! WHO ने पहली बार छोटे बच्चों के लिए मंजूर की मलेरिया की खास दवा
Malaria Vaccine: अब नवजात शिशुओं को भी मिलेगी मलेरिया की दवा, WHO ने दी मंजूरी.

Malaria Treatment for Infants WHO Approval: अब मच्छर नहीं छीन पाएंगे मासूमों की मुस्कान! जी हां मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही दुनिया के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार खास तौर पर नवजात बच्चों और छोटे शिशुओं के लिए मलेरिया की दवा को हरी झंडी दे दी है. इस दवा का नाम 'आर्टेमेथर-ल्यूमफैंट्रिन' (Artemether-lumefantrine) है. अब तक छोटे बच्चों को वही दवाएं दी जाती थीं जो बड़े बच्चों के लिए बनी होती थीं, जिससे उनके स्वास्थ्य को खतरा रहता था. लेकिन अब शिशुओं के लिए बनी इस खास दवा से लाखों मासूमों की जान बचाई जा सकेगी.

छोटे बच्चों के लिए क्यों खास है यह दवा? (Why is this medicine special for children)

मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली एक ऐसी बीमारी है जो सदियों से बच्चों को अपना शिकार बनाती आई है. WHO के मुताबिक, अब तक बाजार में ऐसी कोई सटीक दवा नहीं थी जो सिर्फ नवजात शिशुओं (Newborns) के लिए बनी हो. मजबूरी में डॉक्टर बड़े बच्चों वाली दवा ही शिशुओं को देते थे. इसमें सबसे बड़ा रिस्क यह रहता था कि दवा की मात्रा (Dosage) ऊपर-नीचे हो सकती थी. ज्यादा डोज होने पर बच्चों के शरीर पर बुरा असर पड़ सकता था और कम डोज होने पर बीमारी ठीक नहीं होती थी. अब WHO से 'प्री-क्वालिफिकेशन' मिलने का मतलब है कि यह दवा क्वालिटी, सेफ्टी और असर के मामले में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पर खरी उतरी है.

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मलेरिया का बढ़ता खतरा और आंकड़े-

मलेरिया का कहर कितना भयानक है, इसे आप इन आंकड़ों से समझ सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा वर्ल्ड मलेरिया रिपोर्ट 2024 के अनुसार साल 2024 में दुनिया के 80 देशों में मलेरिया के करीब 28.2 करोड़ मामले सामने आए और लगभग 6 लाख 10 हजार लोगों की जान चली गई.

WHO चीफ ने क्या कहा?

WHO के मुखिया टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने इस मौके पर कहा, "सदियों से मलेरिया ने माता-पिता से उनके बच्चे छीने हैं और समाज से उम्मीदें. लेकिन अब कहानी बदल रही है. नई वैक्सीन, बेहतर टेस्ट और अब छोटे बच्चों के लिए खास दवाएं इस जंग को जीतने में मदद कर रही हैं. हमारे जीवनकाल में मलेरिया को खत्म करना अब सिर्फ सपना नहीं, बल्कि एक सच्चाई है."

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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