Lung Cancer: लंग कैंसर के लक्षण, कारण, इलाज, बचाव के तरीके और मिथ्स के साथ डॉक्टर से जानें हर सवाल का जवाब

All You Need To Know About Lung Cancer: वर्तमान में दुनियाभर में मौजूद सबसे आम कैंसर में से फेफड़ों का कैंसर है, लेकिन फिर भी लोगों में इसको कई तरह की भ्रांतियों और मिथ्स मौजूद हैं. आज भी लोगों के मन में लंग कैंसर के लक्षण (Symptoms Of Lung Cancer), इलाज, कारण और इलाज के प्रोसेस को लेकर कई सवाल हैं.

Lung Cancer: लंग कैंसर के लक्षण, कारण, इलाज, बचाव के तरीके और मिथ्स के साथ डॉक्टर से जानें हर सवाल का जवाब

Lung Cancer: फेफड़ों के कैंसर के बारे में हर सवाल का जवाब डॉक्टर से जानें.

खास बातें

  • नवंबर फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरुकता माह के रूप में मनाया जाता है.
  • लंग्स कितनी तेजी से फैलता और रिस्क फैक्टर क्या हैं?
  • फेफड़ों के कैंसर से जुड़े हर सवाल का जवाब जानने के लिए पढ़ें.

Lung Cancer Awareness Month: लंग कैंसर दुनिया भर में सबसे आम कैंसर है. नवंबर का महीना लंग कैंसर (Lung Cancer) अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है. जिसका मकसद लोगों को लंग कैंसर के प्रति जागरुक करने के साथ ही अपने फेफड़ों को मजबूत बनाना है. कुछ जोखिम कारक फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) के विकास की संभावना को बढ़ा सकते हैं जैसे धूम्रपान या सेकेंड हैंड धूम्रपान के संपर्क में आना. इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि फेफड़ों के कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान और उसके धूएं से दूर रहें. हालांकि लंग कैंसर होने के पीछे और भी कई कारण जिम्मेदार होते हैं. वर्तमान में दुनियाभर में मौजूद सबसे आम कैंसर में से फेफड़ों का कैंसर है, लेकिन फिर भी लोगों में इसको कई तरह की भ्रांतियों और मिथ्स मौजूद हैं. आज भी लोगों के मन में लंग कैंसर जुड़े कई सवाल हैं.

बीमारी के दूरगामी प्रभाव के बारे में जागरुकता बढ़ाने और फेफड़ों के कैंसर के लक्षण (Symptoms Of Lung Cancer), कारण, इलाज और बचाव, स्क्रीनिंग के साथ तमाम सवालों के जवाब जानने से ही नवंबर का महीना इसके बारे में जागरुकता फैलाने के लिहाज से साकार होगा. इसी उद्देश्य से 'डॉक्टरएनडीटीवी हिंदी' ने दिल्ली एम्स के एडिशनल प्रोफेसर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, डॉक्टर सुनील कुमार के साथ लाइव सेशन किया, जिसमें डॉक्टर ने लंग कैंसर जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए. उनके साथ हुई बातचीत को आप यहां सवाल-जवाब फॉर्मेट में पढ़ सकते हैं.

लंग कैंसर से जुड़े हर सवाल का जवाब | Answer To Every Question Related To Lung Cancer

1. सवाल- कैंसर में सबसे खतरनाक कैंसर किसे माना जाए?

जवाब- ये डिपेंड करता है कि कैंसर का ग्रोथ रेट क्या है. जितनी तेजी से बढ़ने वाला कैंसर होगा उतना ही खतरनाक होता है. सबसे खतरनाक कैंसर में लंग कैंसर, फूड फाइप का कैंसर, खास किस्म के ब्लड कैंसर, गोल ब्लाडर का कैंसर, कुछ ब्रेन कैंसर जिनमें एक-दो महीने के अंदर ही स्टेज काफी बढ़ जाते हैं.

2. सवाल- लंग कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं, क्योंकि लंग कैंसर और टीवी के लक्षणों में काफी समानता होती है? 

जवाब- टीवी की बीमारी और लंग कैंसर के लक्षणों में समानता होने से कई प्रैक्टिशनर भी लंग कैंसर को जल्दी नहीं पकड़ पाते हैं. इन दोनों के लक्षणों में समानता होने के बाद भी जो लंग कैंसर का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि सामान्यत: लंग कैंसर 40 से ऊपर के व्यक्तियों में होता है. वहीं इसके लक्षण कभी ऊपर नीचे नहीं होते हैं बल्कि वही जुड़ते जाते हैं. लंग कैंसर में उन्हें लक्षणों की तीव्रता बढ़ने लगती है. जैसे किसी व्यक्ति को खांसी हो रही है और फिर खांसी में खून आना शुरू हो जाता हैं, वजन घटाने लगता है. कई बार ऐसा होता है कि जब लंग कैंसर दूसरे अंगों में फैल चुका होता है तो गले में गांठ बनना, छाती के बगल में गांठ बनना.

जब बीमारी दिमाग की बढ़ती है तो दौरे पड़ने लगते हैं. जब बीमारी हड्डियों में पहुंच जाती है, तो अचानक से कहीं पर फ्रैक्चर होना और ये सभी बहुत छोटे अंतर के बीच में होता है. 1 महीने से लेकर 3 महीने के बीच में चीजें काफी बदल जाती हैं. ये सभी लक्षण बताते हैं कि जो बीमारी है वह टीवी नहीं बल्कि लंग कैंसर है. एक और तरह से दोनों में फर्क कर सकते हैं कि अगर लंग कैंसर को टीवी की बीमारी समझकर इलाज शुरू कर दिया है और एक महीना होने के बाद भी कोई फर्क नहीं दिख रहा है तो दोबारा सोचने की जरूरत है कि यह वाकई टीवी है या कुछ और.

3. सवाल- लंग कैंसर कितनी तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है?

जवाब- लंग कैंसर तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से एक है, लेकिन उसमें भी कुछ खास किस्म के कैंसर होते हैं जो बहुत तेजी से बढ़ते हैं. दो महीने के अंदर कैंसर पहले स्टेज से चौथे स्टेज तक पहुंच सकता है, लेकिन ये सभी लंग कैंसर के लिए नहीं है.

4. सवाल- कई बार लंग कैंसर हड्डियों तक जाता है, तो क्या यह पीठ दर्द का भी कारण बन सकता है, अगर हां तो इसे क्या शुरुआती संकेत मान सकते हैं?

जवाब- अगर छाती में दर्द होता है, तो आप इसे शुरुआती संकेत मान सकते हैं, लेकिन अगर पीठ में दर्द हो रहा है तो यह मान सकते हैं कि बीमारी लंग से निकलकर हड्डियों तक पहुंच गई है. यह दर्शाता है कि बीमारी एडवांस हो गई है.

5. सवाल- क्या लंग कैंसर का एक्स-रे के जरिए पता लगाया जा सकता है?

जवाब- इसका जो जवाब है वो हां हैं ऐसा कहना तो बिल्कुल उचित नहीं होगा, लेकिन हां शुरुआत वहीं से होती है. अगर छाती के एक्स-रे में कोई गांठ दिख रही है तो उसको नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. खासकर अगर व्यक्ति का इतिहास धूम्रपान करने का है और लक्षणों में खांसी, खून आना शामिल है तो आप एक्स-रे को देखकर भी कह सकते हैं कि लंग कैंसर के होने की आशंका है.

6. सवाल- पॉल्यूशन का लंग कैंसर में कितना योगदान है?

जवाब- कई स्टडीज में सामने आया है कि वायु प्रदूषण भी लंग कैंसर का कारण बन सकता है. 

7. सवाल- क्या हम लंग कैंसर स्क्रीनिंग के लिए जा सकते हैं कि यह कितना फैल चुका है?

जवाब- कैंसर का पता लगाने के लिए एलडीसीटी स्क्रीनिंग की जाती है, लेकिन जो भी चीजें सीटी स्केन में आती हैं जरूरी नहीं कि सब के सब कैंसर ही हों. उसके बाद उसकी बायोप्सी करनी जरूरी होती है कि क्या ये वाकई कैंसर हैं या नहीं. कई पश्चिमी देशों में काफी हद तक किया जाता है, लेकिन भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते इसको रुटीन में लाना शायद संभव नहीं है. 

8. सवाल- क्या कोई ऐसे तरीके भी हैं जिनसे हम लंग कैंसर से बच सकते हैं?

जवाब- अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो सबसे पहले आपको स्मोकिंग को छोड़ना होगा. तंबाकू चाहे किसी भी रूप में हो वह कैंसर कारक है. 80 प्रतिशत मामले तंबाकू से जुड़े होते हैं.

9. सवाल- क्या इम्यूनो थैरेपी हार्ट रोगियों के लिए ठीक है?

जवाब- इम्यूनो थैरेपी एक आधुनिक उपचा है. खासकर उनके लिए जिनकी बीमारी काफी फैल चुकी है. ज्यादा इम्यूनो थैरेपी के ड्रग्स हार्ट रोगियों को दिए जा सकते हैं.

10. सवाल- कैसे पता चलेगा कि ट्रीटमेंट काम कर रहा है?

जवाब- ट्रीटमेंट के बाद लंग कैंसर के जो लक्षण हैं वह कम हो जाते हैं. जैसे खांसी, खांसी के साथ ब्लड, छाती में दर्द कम होना. ये सभी अगर हैं तो आप मान सकते हैं इलाज काम कर रहा है.

11. सवाल- क्या ऐसा संभव है कि आपको लंग कैंसर हो और आपको जिंदगी भर पता न चलें?

जवाब- जी हां! ऐसा बिल्कुल संभव है. इसको दो तरीकों से समझ सकते हैं एक तो जैसे लंग कैंसर के साथ कोई जूसरी बीमारी है और लंग कैंसर ऊभरकर सामने नहीं आता है तो कई बार इसका पता नहीं चलता है. दूसरा कि अगर कैंसर की ग्रोथ स्लो है, तो ऐसे में भी सालों तक इसका पता लगाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन ये बहुत कॉमन नहीं है.

12. सवाल- क्या लंग्स में होने वाला हर ट्यूमर कैंसर में बदल जाता है?

जवाब- सबसे पहले आपको समझना होगा कि ट्यूमर और कैंसर दोनों एक नहीं है. ट्यूमर दोनों तरह का हो सकता है कैंसर वाला भी और बिना कैंसर वाला भी. इसीलिए बायोप्सी की जाती है.

13. सवाल- कैंसर के कितने स्टेज होते हैं?

जवाब- कैंसर के 4 स्टेज होते हैं. 3 स्टेज में बीमारी शरीर के जिस हिस्से में शुरू हुई और उसके आसपास के हिस्से में होती है. अगर वह शरीर के बाकी अंगों में फैल जाती है तो उसे चौथे स्टेज में रखा जाता है.

14. सवाल- क्या चौथे स्टेज के बाद इलाज संभव है?

जवाब- अगर ये सवाल दो से तीन साल पहले पूछा जाता तो शायद जवाब न होता. आज इसका जवाब हां है.

15. सवाल- लंग कैंसर के लिए इलाज के विकल्प क्या हैं?

जवाब- इसका इलाज कैंसर के स्टेज पर निर्भर करता है. अगर आप पहले और दूसरे स्टेज की बीमारी की बात करेंगे तो इसके लिए सबसे कारगर इलाज है सर्जरी. तीसरे स्टेज के लिए उसमें कई बार सिर्फ सर्जरी कामयाब नहीं होती है उसके लिए कीमो थैरेपी या फिर इम्यूनो थैरेपी कई बार रेडियो थैरेपी भी देनी पड़ती है.

16. सवाल- सर्जरी में क्या फेफड़ों का द्रव्यमान भी कम करते हैं या सिर्फ प्रभावित हिस्से को हटाते हैं?

जवाब- फेफड़ों में तीन लॉग होते हैं. ऐसे में अगर बीमारी एक लॉग में है तो उस पूरे लॉग को ही निकाल दिया जाता है. अगर सिर्फ प्रभावित पार्ट को निकालते हैं तो बीमारी के वापिस आने की आशंका रहती है.

17. सवाल- क्या स्टेज वन के ट्रीटमेंट के बाद कीमो थैरेपी की जरूरत पड़ती है?

जवाब- जी नहीं स्टेज वन के इलाज के बाद किसी भी तरह के और ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है बशर्ते कि बीमारी पूरी तरह से निकल चुकी हो.

18. सवाल- लोगों का ऐसा मानना क्यों है कि लंग कैंसर बाकि कैंसर के मुकाबले ट्रीटेबल नहीं है?

जवाब- वह इसलिए कि लंग कैंसर बहुत तेजी से ग्रोथ करता है. आप ये नहीं कह सकते हैं कि सारे के सारे लंग कैंसर एक जैसे होते हैं. ये कहना उचित नहीं होगा.

19. सवाल- क्या फेफड़ों को साफ किया जा सकता है?

जवाब- जी नहीं ऐसी कोई तरकीव नहीं है. प्राकृतिक और शुद्द हवा ही फेफड़ों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.

20. सवाल- जो स्मोकिंग नहीं करते क्या उन्हें लंग कैंसर नहीं होगा?

जवाब- जी नहीं ऐसा नहीं है, लेकिन ये कह सकते हैं स्मोकिंग न करने वालों को लंग कैंसर की आशंका कम होती है स्मोकिंग करने वालों की तुलना में.

21. सवाल- लंग कैंसर के इलाज के दौरान रिस्क औऱ साइडइफेक्ट्स क्या हैं?

जवाब- कई बार कीमो थैरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाइयों के साइडइफेक्स्ट हो सकते हैं. क्योंकि यह न सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को मार रही होती हैं साथ ही शरीर की कई और कोशिकाओं को भी क्षति पहुंचाती हैं. ऐसे में इन दवाइयों के साइडइफेक्ट्स में उल्टी होना, बुखार, वजन गिर जाना, भूख न लगना, बालों का झड़ना हैं. इसी तरह के कुछ साइडइफेक्ट्स रेडियो थैरेपी के भी होते हैं.

22. सवाल- इलाज के बाद साइडइफेक्ट्स से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना होता है?

जवाब- अगर कीमो थैरेपी चल रही है तो यह खुद इंफेक्शन से बचाने की जरूरत होती है क्योंकि कीमोथैरेपी में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. न्यट्रिशियस चीजों का सेवन करें.

23. सवाल- स्मोकिंग छोड़ने के बाद लंग्स पहले की तरह हेल्दी हो सकते हैं?

जवाब- पहले जैसे हेल्दी होना तो संभव नहीं है लेकिन अगर स्मोकिंग 15 साल तक छोड़ देते हैं तो रिस्क लेवल काफी कम हो जाता है. 

24. सवाल- एक दिन में कितनी सिगरेट सेफ हैं?

जवाब- इसका जवाब जीरो है. एक भी सिगरेट लंग्स के लिए खतरनाक हो सकती है.

25. सवाल- एक दिन में कितनी सिगरेट हैवी स्मोकिंग के दायरे में आती हैं?

जवाब- डब्ल्यूएचओ के अनुसार 20 सिगरेट एक दिन में हैवी स्मोकिंग के दायरे में आती हैं.

फेंफड़ों के कैंसर से जुड़े कुछ मिथ्स | Some Myths Related To Lung Cancer

1. सवाल- फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी कराने से यह और फैल जाता है?

जवाब- जी नहीं ऐसा नहीं है.

2. सवाल- लंबी खांसी है तो यह लंग कैंसर है?

जवाब- कुछ हद तक हो सकता है, लेकिन सिर्फ लंबे समय तक खांसी लंग कैंसर नहीं हो सकता है. यह दमा या अस्थमा में भी हो सकता है.

3. सवाल- कम उम्र के व्यक्ति को लंग कैंसर नहीं होता है?

जवाब- ऐसा नहीं है. हां कह सकते हैं कि एक 40 साल के व्यक्ति 60 साल के व्यक्ति की तुलना में रिस्क कम होता है.

4. सवाल- स्क्रीनिंग को लेकर हमारा देश किस लेवल पर है जब भारत में कैंसर से होने वाली मौतें दूसरे नंबर है?

जवाब- इसके लिए कुछ हद तक फोकस्ड प्रोग्राम्स हैं लेकिन नेशनल लेवल पर इसके लिए कोई प्रोग्राम नहीं है.

5. सवाल- कीमोथैरेपी, रेडियो थैरेपी और सर्जरी यही सिर्फ इलाज का तरीका है?

जवाब- जी नहीं ऐसा नहीं है. कई और भी आधुनिक तरीके हैं. इम्यूनो थैरेपी और नए ड्रग्स भी काफी कारगर हो सकते हैं.


(डॉक्टर सुनील कुमार, एडिशनल प्रोफेसर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एम्स दिल्ली)

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


अस्वीकरण: इस लेख के भीतर व्यक्त की गई राय लेखक की निजी राय है. एनडीटीवी इस लेख की किसी भी जानकारी की सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता, या वैधता के लिए जिम्मेदार नहीं है. सभी जानकारी एक आधार पर प्रदान की जाती है. लेख में दिखाई देने वाली जानकारी, तथ्य या राय एनडीटीवी के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करती है और एनडीटीवी उसी के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व नहीं मानता है.