वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने हाल ही में एक बेहद चिंताजनक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा "हेल्थ इज नोट ए टारगेट (Health is not a target)" यानी स्वास्थ्य सेवाएं कभी निशाना नहीं हो सकतीं. यह बयान तब आया जब खबरें सामने आईं कि गांधी हॉस्पिटल को तेहरान में बमबारी के दौरान नुकसान पहुंचा है. यह सिर्फ एक अस्पताल की दीवारों का टूटना नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे का हिलना है जो इंसानियत, कानून और मेडिकल सिस्टम पर टिका होता है. युद्ध चाहे किसी भी कारण से हो, अस्पतालों और मरीजों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुनिश्चित की गई है.
तेहरान के गांधी अस्पताल में क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के उत्तरी हिस्से में स्थित गांधी अस्पताल पर हवाई हमलों के दौरान नुकसान हुआ. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों (Eyewitnesses) के हवाले से बताया कि अस्पताल को काफी नुकसान हुआ और मरीजों को तुरंत बाहर निकाला गया.
Reports of Tehran's Gandhi Hospital being damaged during today's bombardment of the Iranian capital are extremely worrying.@WHO is working to verify the incident. But it serves as a reminder that all efforts must be taken to prevent health facilities from being caught up in the…
— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) March 1, 2026
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (ISNA) और फार्स समाचार एजेंसी ने भी अस्पताल के अंदर की तस्वीरें और वीडियो जारी किए, जिनमें टूटी खिड़कियां, फर्श पर बिखरा मलबा और घबराए हुए लोग दिखाई दे रहे थे. कुछ वीडियो में नर्सें नवजात शिशुओं को गोद में लेकर वार्ड से बाहर भागती नजर आईं. हालांकि, हताहतों की पूरी जानकारी अभी साफ नहीं हो सकी है.
कब, कैसे हुई पूरी घटना?
यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया. यह अभियान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पहले हुए हमलों में हत्या के बाद शुरू हुआ बताया जा रहा है.
इजराइल का कहना है कि वह तेहरान के केंद्रीय हिस्सों को निशाना बना रहा है. वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.
तीसरे दिन में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है. सऊदी अरब और दुबई तक हमलों की खबरों ने यह साफ कर दिया है कि यह टकराव अब सीमित नहीं रहा.
#WATCH | Tasnim News footage shows Iranian nurses evacuating infants from #Tehran's Gandhi Hospital amid #US-Israeli aggression.#Iran pic.twitter.com/oiCIi9jJLq
— Al Mayadeen English (@MayadeenEnglish) March 1, 2026
अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है?
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत खास सुरक्षा प्राप्त है. जिनेवा कन्वेंशन के अनुसार:
- अस्पतालों पर हमला करना युद्ध अपराध माना जा सकता है.
- चिकित्सा कर्मियों और मरीजों को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए.
- संघर्ष के दौरान भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए.
WHO प्रमुख ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि "हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि स्वास्थ्य संस्थान संघर्ष की चपेट में न आएं."
क्यों है यह घटना बेहद चिंताजनक?
- नागरिकों की सुरक्षा खतरे में: अस्पताल आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए जीवनरेखा होते हैं.
- मानवीय संकट गहराने का खतरा: युद्ध के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का बाधित होना मौतों की संख्या बढ़ा सकता है.
- डर और अस्थिरता: जब अस्पताल सुरक्षित नहीं रह जाते, तो लोगों का विश्वास टूटता है.
युद्ध में भी कुछ सीमाएं होती हैं. अस्पताल, स्कूल और राहत शिविर जैसी जगहें नॉन-कॉम्बैट जोन मानी जाती हैं. अगर ये भी सुरक्षित न रहें, तो मानवता का संतुलन बिगड़ जाता है.
The state-run Press TV reported that US-Israeli airstrikes hit Gandhi Hospital in the Iranian capital Tehran, causing massive destruction
— Anadolu English (@anadoluagency) March 1, 2026
Nurses transferred newborns to another hospital after earlier strikes on Iran's state television headquarters https://t.co/iHvrKJPC4k pic.twitter.com/27wRD68y1a
इस घटना की जांच जारी है और WHO ने कहा है कि वह तथ्यों की पुष्टि कर रहा है. लेकिन यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. क्या युद्ध के नियम अब सिर्फ किताबों तक सीमित रह गए हैं? दुनिया के कई देशों ने इस घटना पर चिंता जताई है. कूटनीतिक प्रयास तेज हो रहे हैं ताकि संघर्ष को रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
"स्वास्थ्य सेवाएं कभी निशाना नहीं हो सकतीं." सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि मानवता का मूल सिद्धांत है. अस्पतालों पर हमले किसी भी समाज के लिए गहरी चोट होते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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