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क्या फिट रहने के लिए सिर्फ वॉक करना ही काफी है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Walking for Fitness: कई लोग भारी वर्कआउट की बजाय सिर्फ वॉक करना ही पर्याप्त मानते हैं. लेकिन सवाल यह है, क्या सिर्फ वॉकिंग से शरीर पूरी तरह फिट रह सकता है?

क्या फिट रहने के लिए सिर्फ वॉक करना ही काफी है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय
क्या सिर्फ वॉकिंग से शरीर पूरी तरह फिट रह सकता है?

Is Walking Enough Exercise: आज के समय में फिट रहने के लिए लोग तरह-तरह के वर्कआउट करते हैं जिम, योग, पिलेट्स, रनिंग और हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग. लेकिन, एक एक्सरसाइज ऐसी है जो सबसे आसान, सस्ती और हर किसी के लिए उपलब्ध है वॉकिंग (Walking). न कोई महंगा उपकरण, न मेंबरशिप फीस, न जटिल तकनीक. बस आप, आपके जूते और चलने की इच्छा. भारतीय परिवारों में खासकर खाने के बाद टहलने की आदत आम है. कई लोग भारी वर्कआउट की बजाय सिर्फ वॉक करना ही पर्याप्त मानते हैं. लेकिन सवाल यह है, क्या सिर्फ वॉकिंग से शरीर पूरी तरह फिट रह सकता है?

वॉकिंग मूवमेंट है, लेकिन पूरा वर्कआउट नहीं

न्यूट्रिशनिस्ट और सीनियर फिटनेस मास्टर ट्रेनर मितुशी अजमेरा इस बात में साफ फर्क बताती हैं. "वॉकिंग एक मूवमेंट है और इसे ऐसा ही मानना ​​चाहिए. यह पूरा वर्कआउट नहीं है." फिटनेस एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वॉकिंग एक अच्छी फिजिकल एक्टिविटी है, लेकिन इसे कम्प्लीट वर्कआउट नहीं कहा जा सकता.

  • वॉकिंग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.
  • मूड अच्छा रहता है.
  • जोड़ों की मूवमेंट बनी रहती है.
  • स्ट्रेस कम होता है.

लेकिन शरीर को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ चलना काफी नहीं है. हमारे शरीर का सिद्धांत है "इसे उपयोग करें या भूल जाएं." यानी अगर मांसपेशियों को चुनौती नहीं देंगे, तो वे धीरे-धीरे कमजोर होने लगेंगी.

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किन लोगों के लिए वॉकिंग काफी हो सकती है?

  • जो लोग फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं
  • बुजुर्ग लोग
  • बीमारी या चोट के बाद दोबारा एक्टिव हो रहे लोग
  • बहुत ज्यादा तनाव में रहने वाले लोग

इनके लिए तेज चाल से नियमित वॉकिंग एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है. यह दिल की सेहत सुधारती है, वजन नियंत्रण में मदद करती है और ब्लड प्रेशर कम करती है.

हर वॉक एक जैसी नहीं होती

बाजार में आराम से घूमना और फिटनेस के लिए वॉक करना दोनों अलग चीजें हैं.

एक सरल टेस्ट है:

आप चलते समय बात कर सकें, लेकिन गाना न गा सकें तो आपकी वॉक की गति सही है.

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं:

  • हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मीडियम स्पीड से चलें.
  • रोज 7,000 से 10,000 कदम का लक्ष्य रखें.
  • 30-45 मिनट की तेज चाल से वॉक करें.
  • ही पोस्चर रखें (सीधी रीढ़, ढीले कंधे, स्वाभाविक हाथों की मूवमेंट)

सीढ़ियां, ढलान या असमान रास्ते जोड़ने से शरीर को ज्यादा चुनौती मिलती है.

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सभी एक्सपर्ट्स इस बात पर सहमत हैं कि केवल वॉकिंग से:

  • मांसपेशियां ज्यादा नहीं बनतीं.
  • एथलेटिक प्रदर्शन बेहतर नहीं होता.
  • हड्डियों की मजबूती पूरी तरह नहीं बढ़ती.

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मसल्स लॉस तेज हो जाता है. अगर आप रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (जैसे वेट लिफ्टिंग, बॉडी वेट एक्सरसाइज) नहीं करेंगे, तो मेटाबॉलिज्म और ताकत धीरे-धीरे कम हो सकती है.

इसलिए हफ्ते में 2-4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की सलाह दी जाती है.

कितना चलना चाहिए?

कोई जादुई नंबर नहीं है. जरूरी यह है कि आप दिनभर में सक्रिय रहें. हर भोजन के बाद 10 मिनट की वॉक. लंबी वॉक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना. आरामदायक जूते पहनना. याद रखें, फिटनेस का लक्ष्य शरीर को बेहतर बनाना है, न कि उसे थकाना.

अगर आपका लक्ष्य है:

  • सामान्य स्वास्थ्य.
  • तनाव कम करना.
  • रोज एक्टिव रहना.

तो तेज चाल से रेगुलर वॉकिंग काफी हो सकती है. लेकिन, अगर आप चाहते हैं मांसपेशियां मजबूत हों, हड्डियां मजबूत बनें, शरीर टोंड और एथलेटिक दिखे. तो सिर्फ वॉकिंग पर्याप्त नहीं होगी. आपको स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य एक्सरसाइज भी जोड़नी होंगी.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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