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This Article is From Aug 30, 2024

हमेशा हेल्दी रहने और हार्ट अटैक से बचने के लिए रोज कितनी नींद जरूरी? क्या कहते हैं एक्सपर्ट, जानिए

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप हर रोज 7-8 घंटे की नींद लेते हैं तो आपका हार्ट हेल्दी रहता है और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है.

हमेशा हेल्दी रहने और हार्ट अटैक से बचने के लिए रोज कितनी नींद जरूरी? क्या कहते हैं एक्सपर्ट, जानिए
नींद की कमी से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है.

नींद की कमी से हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है, इसलिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेने से हार्ट हेल्दी रहता है और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है. नींद की कमी से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ जाता है. इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप हर रोज पर्याप्त नींद लेते हैं तो आपका हार्ट हेल्दी रहता है. इसके अलावा, ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल रहता है और तनाव भी कम होता है. इसलिए विशेषज्ञ भी आपको सलाह देते हैं कि हेल्दी रहने और हार्ट अटैक से बचने के लिए हर रोज 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है. एक नए अध्ययन में पाया गया है कि पर्याप्त नींद लेने से हार्ट संबंधी रोग का खतरा 20 फीसदी तक कम हो सकता है. यह अध्ययन उन लोगों पर किया गया था जो रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेते थे.

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न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग के फूवाई हॉस्पिटल में शोधकर्ता यानजुन सॉन्ग ने कहा कि पर्याप्त नींद लेना हार्ट डिजीज के कम जोखिम से जुड़ा है. सॉन्ग की टीम ने यूके के रहने वाले 90,900 लोगों के नींद के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसमें से लगभग 19,800 (22 फीसदी) लोग रात में औसतन सात घंटे से कम सोते थे.

जिन लोगों के नींद के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया उन पर शोधकर्ताओं ने करीब 14 साल तक नजर रखी. सॉन्ग की टीम ने हार्ट डिजीज के पीड़ितों के रिकॉर्ड की निगरानी की. विशेषज्ञों ने हर रात सात से नौ घंटे तक सोने की सलाह दी, ताकि लोग नींद की कमी से बच सकें.

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने सबसे ज्यादा नींद ली, उनमें हार्ट डिजीज विकसित होने की संभावना 19 फीसदी कम थी.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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