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Heatwave Warning: आने वाली भीषण गर्मी आपके नर्वस सिस्टम पर कर सकती है खतरनाक वार, इन बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

Heat Wave Impact On Nervous System: गर्मी का मौसम आते ही हम पसीना, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं की बात करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेज गर्मी का असर सीधे आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम पर भी पड़ता है. बढ़ता तापमान शरीर के साथ-साथ ब्रेन की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित करता है.

Heatwave Warning: आने वाली भीषण गर्मी आपके नर्वस सिस्टम पर कर सकती है खतरनाक वार, इन बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
Heat wave Impact On Nervous System
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Heat Wave Impact On Nervous System: गर्मी का मौसम आते ही हम पसीना, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं की बात करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेज गर्मी का असर सीधे आपके दिमाग (Brain) और नर्वस सिस्टम (Nervous System) पर भी पड़ता है. बढ़ता तापमान शरीर के साथ-साथ ब्रेन की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित करता है. कई बार यह असर इतना गंभीर हो सकता है कि चक्कर, कन्फ्यूजन और यहां तक कि दौरे जैसी स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि हीटवेव केवल मौसम नहीं बल्कि एक हेल्थ अलर्ट है.

गर्मी में दिमाग पर क्या असर पड़ता है?

तेज गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, जिससे ब्रेन को सही तरीके से काम करने में दिक्कत होती है. इसका सबसे पहला असर ध्यान (Focus) और सोचने की क्षमता (Thinking Capacity) पर पड़ता है. कई लोगों को सिरदर्द (Headache), चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है. जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) की कमी होती है, तो दिमाग तक सही सिग्नल (Signal) नहीं पहुंच पाते. इससे कन्फ्यूजन (Confusion) और रिएक्शन टाइम (Reaction Time) भी स्लो हो सकता है. लंबे समय तक गर्मी में रहने से ब्रेन फॉग (Brain Fog) जैसी समस्या भी हो सकती है.

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एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, ज्यादा पसीना आने से शरीर में सोडियम (Sodium) की कमी हो जाती है, जो नर्वस सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है. सोडियम का स्तर गिरने पर दौरे आने का खतरा बढ़ जाता है. गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) हो सकता है, जिससे बेहोशी और सीजर (Seizure) की स्थिति बन सकती है. इसलिए गर्मियों में खुद को हाइड्रेट (Hydrate) रखना बेहद जरूरी है.

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं. इसके अलावा जिन लोगों को पहले से न्यूरोलॉजिकल (Neurological) समस्याएं हैं, उन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. जो लोग धूप में ज्यादा समय बिताते हैं जैसे डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिस या मजदूर, उनके लिए जोखिम और बढ़ जाता है. खराब वेंटिलेशन (Ventilation) और बिजली कटौती भी स्थिति को और खराब कर सकती है.

इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा

तेज गर्मी कई न्यूरोलॉजिकल बीमारियों को ट्रिगर कर सकती है. एपिलेप्सी (Epilepsy) के मरीजों में दौरे बढ़ सकते हैं. मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) के लक्षण तेज हो सकते हैं. डिहाइड्रेशन के कारण स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अलावा माइग्रेन (Migraine), पार्किंसन (Parkinson) और अल्जाइमर (Alzheimer) के मरीजों को गर्मी में ज्यादा परेशानी हो सकती है.

कैसे करें बचाव?

  • गर्मी से बचने के लिए दिन में ज्यादा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखें. हल्के और ढीले कपड़े पहनें. धूप में निकलने से बचें, खासकर दोपहर के समय.
  • अगर चक्कर, सिरदर्द या कन्फ्यूजन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आराम करें और जरूरत पड़े तो डॉक्टर से संपर्क करें.

गर्मी को हल्के में लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. इसलिए सतर्क रहें और अपने दिमाग को भी गर्मी से सुरक्षित रखें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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